swargvibha


swargvibha logo

 

 

 

Swargvibha Ranks

 

 

Swargvibha स्वर्गविभा

www.swargvibha.in पर उच्च स्तरीय रचानाएँ (कविता, ग़ज़ल, हाइकु, मुक्तक, शेर, कहानी, संस्मरण, पुस्तक समीक्षा आदि) नि:शुल्क प्रकाशनार्थ आमंत्रित हैं। रचानाएँ Mangal यूनीकोड, अथवा अँग्रेज़ी में टंकित कर swargvibha@gmail.com या फिर swargvibha@ymail.com पर भेजी जा सकती हैं। 

 

A Great site for Hindi Lovers

 

 

 

Swargvibha (www.swargvibha.in) is the well known and popular Hindi Website which not only helps in propagation of Hindi, but also provides universal meeting grounds to the writers, poets, Gazalkars, story writers, critics and journalists. It publishes and propagates their best creations and writings free of cost to enable them to claim honour and laurels in the society.

 

स्वर्ग विभा (www.swargvibha.in),नये-पुराने साहित्यकारों का वह मिलनमंच है ,जहाँ विश्व के कवियों ,लेखकों, गज़लकारों तथा उपन्यासकारों को ससम्मान एक मंच पर नि:शुल्क लाकर खड़ा करती है । केवल आदान मात्र मनुष्य को पूर्ण संतोष नहीं देता, उसे प्रदान का भी अधिकार चाहिये ,और इसी अधिकार का विकसित मंच है स्वर्ग विभा । यह विद्वानों व साहित्य-प्रेमियों के बुद्धिकार्य के स्थूल ग्यान से लेकर इसके जन्म देने वाले सूक्ष्म विचारों की अनुभूतियों को भी स्वयं में संचित करती है । इस प्रकार वामन जैसा लगने वाली स्वर्ग विभा, असीमता में बढ़ती-बढ़ती विराट हो सकती है ; बशर्तेकि आप सबों का सहयोग और प्यार यूँ ही मिलता रहे ।

 

स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान 2014 हेतु प्रविष्टियाँ आमंत्रित ----

 

 

बीते आठ सालों से लोकप्रिय वेबसाइट,स्वर्गविभा ( www.swargvibha.in) हिन्दी सेवा के तहत, देश-विदेश के पाँच साहित्यकार / पत्रकार बन्धुओं को ’स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान’ से नवाजित करती आ रही है । इस वर्ष (2014) भी स्वर्गविभा टीम आप सभी हिन्दी के विद्वानों से नि:शुल्क प्रविष्टि की अपील करती है । आप अपनी प्रविष्टियाँ ( श्रेष्ठ प्रकाशित पुस्तक की एक प्रति*, परिचय- पत्र एवं छाया –चित्र के साथ ) 31 अक्टूबर,2014 ई० तक इस पते पर भेज सकते हैं --- अध्यक्ष, स्वर्गविभा, 1502 सी क्वीन हेरिटेज़,पाम बीच रोड,प्लाट -6, सेक्टर -18, सानपाड़ा, नवी मुम्बई –400705; मो० –09322991198.। चयनित पाँच प्रतिभागियों को, उक्त सम्मान के परिप्रेक्ष्य में प्रशस्ति-पत्र और 2100 /- नगद राशि प्रदान की जायगी ।

 

 

डा० बी० पी० सिंह
अध्यक्ष, स्वर्गविभा

 

 

                                                                                                                                    *वापस नहीं होगी

 

स्वर्गविभा तारा ऑन लाइन प्रतियोगिता 2014

 

देश-विदेश के साहित्यकारों / पत्रकारों को सर्वाधिक लोकप्रिय वेबसाइट,स्वर्गविभा ( www.swargvibha.in ) 2008 से रचनाकारों की रचनाओं द्वारा विश्व स्तरीय आंदोलन आयोजित करती आ रही है । इसके लिए हम, ऐतिहासिक या मानव-समाज से जुड़े किसी ज्वलंत मुद्दे पर आलेख प्रतियोगिता करते हैं; जो साल में दो बार की जाती है । इस साल की यह पहली ऑन लाइन प्रतियोगिता है,जिसका शीर्षक है, “शिष्टाचार” । जिस तरह गुलाब एक अत्यन्त कोमल और सुंदर तत्वों का परिचायक है; शिष्टाचार एक सभ्य समाज का परिचायक है , कैसे तथा सूक्ष्म तत्वों से निर्मित यह शब्द भारत को ही नहीं अपितु विश्व समाज को कैसे गौरवान्वित रखा है ? भावना लोक के समान व्यवहार लोक में भी इसकी क्यों जरूरत है ? प्रविष्टियाँ 31 अगस्त, 2014 तक swargvibha@gmail.com पर भेजी जा सकती हैं ।
स्वर्गविभा तारा ऑन लाइन आलेख प्रतियोगिता 2014 के लिए चयनित रचनाओं में सर्वोत्तम तीन को क्रमश: 1500/-, 1300/- एवं 1100/- रुपये नगद एवं प्रशस्ति-पत्र , सितम्बर ,2014 में प्रदान किये जायेंगे ।

 


ई० राजीव कुमार सिंह
महामंत्री, स्वर्गविभा

 

 

स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान 2013 की घोषणा

 

लोकप्रिय हिन्दी वेबसाइट, स्वर्गविभा (www.swargvibha.in) , नवी मुम्बई द्वारा प्रायोजित ,’स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान 2013’ के लिए, देश के कोने-कोने से आये,विद्वान-साहित्यकारों की कृतियों में से निर्णायक समिति द्वारा जिन पाँच विद्वानों के नाम, उनके उत्कृष्ट अवदान एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के आधार पर चयनित किये गये ; उनके नाम इस प्रकार हैं-----
(1) श्री मनोज ठक्कर व सुश्री रश्मि छाजेड़ ( इंदौर,मध्य प्रदेश )
(2) श्रीमती प्रमोद दत्ता ( पंचकुला, हरियाणा )
(3) श्री महेश चंद्र द्विवेदी ( लखनऊ, उ० प्र ० )
(4) श्री संजय कुमार ’अविना्श’ ( लखीसराय, बिहार )
(5) श्री संजय कुमार शर्मा (जांजगीर-चाम्पा, छत्तीसगढ़ )
घोषित विद्वानों को, स्वर्गविभा संस्था, प्रशस्ति-पत्र एवं चेक द्वारा 2100/- की पुरस्कार राशि, प्रत्येक के पंजीकृत पते पर डाक द्वारा शीघ्र प्रेषित करने जा रही है । साथ ही स्वर्गविभा टीम, ईश्वर से इनके उज्ज्वल भविष्य एवं दीर्घायु होने की कामना करती है ।

 

 

डा० बी० पी० सिंह
का० अध्यक्ष, स्वर्ग विभा
1 जनवरी 2014

 

 

 

 

 Articles invited रचानाएँ प्रकाशनार्थ आमंत्रित


www.swargvibha.in पर उच्च स्तरीय रचानाएँ (कविता, ग़ज़ल, हाइकु, मुक्तक, शेर, कहानी, संस्मरण, पुस्तक समीक्षा आदि) नि:शुल्क प्रकाशनार्थ आमंत्रित हैं। रचानाएँ Mangal यूनीकोड, अथवा अँग्रेज़ी में टंकित कर swargvibha@gmail.com या फिर swargvibha@ymail.com पर भेजी जा सकती हैं।