इटली

 

 

italy

 

 

यूरोप का एक प्रमुख देश इटली एक सुंदर और ऐतिहासिक विरासत से सम्पन्न राष्ट्र है ।इसकी राजधानी रोम है । प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध एवं इटली के स्वाधीनता संग्राम के बाद 1859-66 में छोटे छोटे समूहों मेँ बिखरे ,इस देश का एकीकरण हुआ जो अधिकांश आधुनिक इटली जैसा है ।
इसकी सीमा स्विट्जरलैंड ,फ्रांस ,आस्ट्रिया,स्लोवानिया ,साइन मैरिनो ,और वेटिकन सिटी से मिलती है ।इसके दक्षिण मेआल्प्स पहाड़ है ,पो वैली है ,कुछ अन्य द्वीप सिसली ,सार्डीनिया ,कोरसिका {भौगोलिक रूप से यह इटली मे है लेकिन 1769से इसपर फ्रांस का आधिपत्य है । }
यहाँ का 40% इलाका पहाड़ी है । आल्प्स इसका उत्तरी सीमा है और अपेनाईन पर्वत देश का मेरुदंड है । पो नदी यहाँ की सबसे बड़ी नदी है ,और सबसे बड़ा झील गार्डा । इटली मेअनेक द्वीप हैं ,सबसे बड़ा सिसली और सरडीनिया।
मारमोर विश्व मे सबसे ऊंचा मनुष्य कृत वाटर फ़ौल है । और मौउंट ब्लेंक सबसे ऊंची पहाड़ी ।
यहाँ आल्प्स की ऊंचाई स्विट्जरलैंड है । यह इलाका कृषि के लिए बहुत अनुकूल है ।कृषि को मौसम का मार ज्यादा नहीं झेलना पड़ता है ।
सड़कों के पास पास तक दोनों किनारे मे फलों के बड़े बड़े बगीचे मीलों मील तक दिखाई पड़ते हैं ,जिनमें छोटे छोटे तीन फूट ,चार फूट ,पाँच फूट के झाड़ीनुमा पेड़ों{ग्राफ्टिंग} पर मोटे मोटे फल {सेब ,अनार ,अंगूर ,,जैसे परिचित फलों के साथ कुछ अपरिचित वर्णसंकर फल लदे दिख पड़ते हैं ।
इटली फलों के उत्पादन के लिए बहुत प्रसिद्ध है । यहाँ की फूड इंडस्ट्री बहुत ही उतम प्रक्रिया से संचालित है ।ग्राफ्टिंग तकनीकी के माध्यम से कम समय मे ज्यादा फलों का उत्पादन होता है ।इनकी सिंचाई इजरायली तकनीकी {ड्रीप इरिगेशन }से होता है । फलों के रुप रंग और गुणवत्ता के आधार पर उनका मूल्यांकन होता है । 1980 से यह कीवी के उत्पादक और निर्यातक के रूप मे भी विश्व मे अपना प्रमुख स्थान ग्रहण कर लिया है । फलों के साथ साथ सब्जियों के उत्पादन मे भी यह प्रमुख है ।
यहाँ जुलाई अगस्त के मौसम में खेतों में खिले सूरज मुखी के फूल मन को बरबस आकर्षित कर लेता है ।इसलिए इसे सूरजमुखी का देश भी कहा जाता है । सूरजमुखी ,ऑलिव ऑयल आदि तेलों का भी यह बहुत उत्पादन करता है ।
यहाँ अनेक औद्योगिक इकाईया हैं । इसके प्रमुख शहर हैं ,तुरिन ,मिलान ,बोलोगना ,रोम{रोमा} ,वेनिस{वेनेज़िया} ,पाडोवा,फ्लोरेन्स{फिरेंजे} ,पीसा आदि ।यहाँ की समुद्र तट भी बहुत साथ सुथरे ,नीले नीले अंबर के नीचे जादुई छटा बिखेरती सी लगती है ।
यह देश भी बहुरूपता और विविधता का प्रतीक है ,कहीं ,पानी ,तो पानी ही पानी ,कहीं पहाड़ी ,,कहीं खेत ही खेत ।यह यूरेशियन प्लेट और अफ्रीकी प्लेट के मिलन बिन्दु पर बसा है ,इसलिए यहाँ भूकंप और ज्वालामुखी काफी सक्रिय है । चौदह ज्वाला मुखी है जिनमें चार सक्रिय है ।
यहाँ का मुख्य धर्म रोमन कैथोलिक है पर ,यहूदी ,सिक्ख ,बौद्ध,हिन्दू आदि भी न्यूनाधिक संख्या में हैं ।यहाँ 22गुरुद्वारे हैं ,।यहाँ के अनेक विश्वविद्यालय विश्व प्रसिद्ध हैं । मिलान का बेकोनी विश्वविद्यालय काफी प्रसिद्ध है ।

यहाँ इटालियन के अलावे भी अनेक भाषाएँ प्रचलित है। अङ्ग्रेज़ी भाषा का ज्यादा प्रचलन नहीं है {यूरोप के अन्य देशों के भांति ही ,हलाकी जानते सब हैं }।इतने बड़े बड़े खेत ,भव्य इमारतें ,पर स्थानीय लोगों की झलक बहुत ही कम ,बल्कि नहीं के बराबर दिखाई देता है जनसंख्या का विभाजन समान नहीं है । पो घाटी ,मेट्रोपॉलिटन रोम और नेपल्स में ज्यादा आबादी है । मशीनों से लोग खेती का सारा काम सम्पन्न करते हैं घरेलू काम भी । मजदूरी वहाँ { समस्त यूरोप में } बहुत महँगा है ।
सार्वजनिक स्थल,बार नाईट क्लब और ऑफिस में धूम्रपान निषेध है, । इटली में खाने का बहुत ही अच्छी सुविधा है ।यहाँ का पीज़ा विश्व प्रसिद्ध हो चुका है ।
ज्यादा लोग फुटबौल पसंद करते हैं ,मगर वौलिवौल ,बास्केट बौल रग्बी आदि भी खेला जाता है ।
यहाँ विश्व के सबसे ज्यादा वर्ल्ड हेरिटेज साईट्स हैं । जीवित इतिहास यहाँ ललकरता हुआ सा सारे दस्तावेज़ लिए जैसे , खड़ा है । इटली वास्तव में एक आकर्षक जगह है ।पर्यटकों के लिए बहुत ही खिंचाव का स्थान हैं और अविस्मरणीय भी ।

 

 


॥ कामिनी कामायनी ॥

 

 

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