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विज्ञापनदाताओं की पसंद- 'सचिन या धोनी

 

 

आज 21वीं शताब्दी में दुनिया हर मामले में काफी आगे हो चुकी है। हम तकनीक के हर मामले में इतने आगे निकल चुके हैं जिसने हमारी जिंदगी को बेहद आसान बना दिया है। अखबार, रेडियो, टी.वी. और आज के समय में आनलाइन र्पोटल्स, आनलाइन साइटस, यह कुछ ऐसे माध्यम हैं जिनसे हम लगातार जानकारी हासिल करते रहते हैं। यह कुछ ऐसे माध्यम हैं जिनसे हम अप-टू-डेट तो रहते ही हैं, साथ ही साथ यह हमारे लिए मनोरंजन का साधन भी हैं।
इन सबके बीच अगर किसी और चीज का हमारे जीवन में असर पड़ा है तो वह है-उत्पादों के विज्ञापन का प्रचार-प्रसार। आज इनके बिना जीवन अधूरा सा लगता है। विज्ञापनों का हमारे जीवन पर इतना प्रभाव है कि हम वही चीजें बाजार से ज्यादा खरीदते हैं जिनका प्रचार-प्रसार अधिक होता है। आज अखबार, रेडियो, टी.वी. पूरी तरह विज्ञापनों से पटा पड़ा है। जिस ब्रांड का प्रचार-प्रसार जितना बड़ा सेलिबि्रटी करता है, उतना ही उस ब्रांड की वैल्यू बढ़ जाती है और उस उत्पाद की बि्रकी ज्यादा होने लगती है। खासकर फिल्म जगत और खेल की हसितयों के उत्पाद के ब्रांड अबेंसडर होने से उस उत्पाद की बि्रकी काफी प्रभावित होती है। जब इस तरह के लोग किसी विशेष उत्पाद से जुड़ते हैं तो जनता उनसे काफी आसानी से जुड़ा हुआ महसूस करती है।
अगर भारतीय कि्रकेट जगत की बात करें तो कि्रकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और सबसे कूल खिलाड़ी का तमगा पाने वाले और मौजूदा समय में भारतीय कि्रकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, यह 2 खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके पास सबसे ज्यादा ब्रांड एंडोर्समेंट हैं लेकिन जब सचिन तेंदुलकर का रिटायरमेंट हुआ, उसके बाद से उनके पास ब्रांड एंडोर्समेंट में थोड़ी गिरावट हुर्इ है लेकिन मौजूदा समय में कर्इ ऐसी कंपनियां हैं जो सचिन के साथ ही अपने ब्रांड को एंडोर्स कर रही हैं। सचिन को मैदान पर अब खेलते हुए देखना तो सपने जैसा है लेकिन विज्ञापन के जरिए वह अभी भी टी.वी. पर देखे जा सकते हैं। वहीं दूसरी ओर भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अभी भी मैदान पर छाए हुए हैं जिसके कारण उनके पास ब्रांड एंडोर्समेंट काफी ज्यादा हैं और जनता उनसे अधिक प्रभावित भी है। विज्ञापन के क्षेत्र में एक कहावत है- 'जो दिखता है, वही बिकता है तो यह कहावत बिल्कुल सही बैठती है यहां पर, जब तक सचिन खेलते थे तब तक उनके पास विज्ञापनों की भरमार थी, अब जम़ाना धोनी का है तो उनके पास विज्ञापनों की झड़ी सी लगी हुर्इ है।
यह कुछ ऐसे ब्रांड, कंपनियां हैं जिनके साथ सचिन का करार रहा है-
कैनन- 2006-2009
ऐयरटेल-2004-2006
बि्रटानिया- 2001-2007
सनफीस्ट-2007-2013
एन.र्इ.सी.सी.-2003-2005
टी.वी.एस.-2002-2005
यह कुछ ऐसे ब्रांड, कंपनियां हैं जिनके विज्ञापन में सचिन आज भी दिखते हैं और सचिन के साथ यह आजीवन संबद्ध रहना चाहती हैं-
एडीडास
कोकाकोला
तोशीबा
अवीवा इंडिया
सार गु्रप

इस तरह के ब्रांडस में सचिन को लेने की भी अपनी एक वजह है। उदाहरण के तौर पर अगर तोशीबा टी.वी. कंपनी सचिन को अपना ब्रांड एंबेसडर चुनती है तो इसका कारण यह है कि जैसे सचिन का व्यकितत्व आगे बढ़ने जैसा है, उन्हें देख कर सभी प्रेरित होते हैं, मैदान पर वह रनों की बारिश करते हैं, ठीक उसी प्रकार बाजार में तोशीबा की टी.वी. बाकियों के मुकाबले अग्र्रणी है और उसकी पिक्चर क्वालिटी अन्य की अपेक्षा काफी बेहतर है।
अवीवी इंडिया जैसी कंपनियां सचिन तेंदुलकर के साथ जीवन भर का करार करने को तैयार हैं। इसका कारण यही है कि सचिन का स्वभाव बेहद सरल, विनम्र और बहुत ही अनुशासन वाला है, ठीक उसी प्रकार की अवीवा इंडिया कंपनी भी है जो लोगों की जरुरतों को समझती है, उनके कर्मचारी भी लोगों से बेहद सरल स्वभाव में पेश आते हैं और जनता को विनम्रतापूर्वक सुनते भी हैं और यही चीज है जो कि इसे अन्य कंपनियों से अलग करती है।

वहीं अगर दूसरी ओर भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की बात करें तो उनके पास भी कर्इ नामी-गिरामी ब्रांडस हैं। अप्रैल 2005 में धोनी ने कोलकाता की सेलिबि्रटी मैनेजमेंट कंपनी गेमप्लान स्पोर्टस को साइन किया। मौजूदा समय में धोनी के पास 20 एंडोर्समेंटस हैं। 2007 में उनके पास 17 एंडोर्समेंटस थे। 2010 में वह रिहिति स्पोर्टस मैनेजमेंट के साथ जुड़ गए और उनके साथ मिलकर आने वाले 3 साल तक के लिए 210 करोड़ का करार किया।

यह महेंद्र सिंह धोनी द्वारा साइन किए गए एंडोर्समेंटस की सूची है-
2005-पेपिसको, रिबाक, एक्साइड, टी.वी.एस. मोटर्स
2006-मैसूर सैंडल सोप, वीडियोकान, रिलायंस कम्युनिकेशन्स, रिलायंस एनर्जी, ओरियंट पी.एस.पी.ओ. फैन्स, भारत पेट्रोलियम, टाइटन सोनाटा
2007-सियाराम
2008-फैशन एट बिग बाजार, बूस्ट हेल्थ फूड, दैनिक भास्कर
2009-डाबर हनी, एयरसेल कम्युनिकेशन्स
2010-आम्रपाली

इस तरह के ब्रांडस में धोनी की मौजूदगी उस ब्रांड की बि्रकी में काफी कारगर साबित होती है। उदाहरण के तौर पर, अगर एक्साइड बैटरी कंपनी धोनी को अपना ब्रांड एंबेसडर चुनती है तो उसका कारण यह है कि जिस प्रकार धोनी मैदान पर खेलते हुए लगातार बैटिंग करते हैं, क्रीज पर डटे रहते हैं और अपनी टीम को जीत का स्वाद चखा कर ही लौटते हैं, ठीक उसी प्रकार एक्साइड बैटरी भी लंबे समय तक चलती है और लोगों को आराम पहुंचाती है।
इसी प्रकार डाबर हनी ने भी महेंद्र सिंह धोनी के साथ डील इसी लिए साइन की क्योंकि डाबर हनी एक ऐसा उत्पाद है जिसके सेवन से हर उम्र का व्यकित फिट रहता है और धोनी फिट हैं, चुस्त हैं, तंदरूस्त हैं और लगभग हर वर्ग के लोगों में जाने जाते हैं और बहुतों के रोल माडल भी हैं और डाबर को अपने उत्पाद के लिए किसी ऐसे ही सेलिबि्रटी की जरुरत थी तो धोनी इसके लिए बिल्कुल फिट बैठते हैं।

सफल एंर्डोसर के चयन के लिए कंपनियां थ्त्म्क् नामक सिद्धांत का प्रयोग करती हैं। थ्त्म्क् का अर्थ है-
थ्-फैमिलियैरिटी- जनता को विज्ञापन के एंर्डोसर के बारे में पता होना चाहिए और ब्रांड एंबेसडर ऐसा होना चाहिए जो कि विश्वसनीय हो।
त्-रेलिवेंस-उत्पाद के लिए उसके विज्ञापन और सेलिबि्रटी का आपस में मेल होना होना आवश्यक है और उससे ज्यादा सेलिबि्रटी एंर्डोसर और जनता का जुड़ाव होना चाहिए। एंर्डोसर ऐसा हो जिसे जनता आसानी से पहचान सके क्योंकि जब जनता तुरंत एंर्डोसर को पहचान लेगी तो आज के इस मुकाबले भरे दौर में उस ब्रांड का चयन जल्दी करेगी और उसे खरीदेगी।
म्-एस्टीम-जनता को सेलिबि्रटी के लिए पूर्ण रुप से आदर और विश्वास होना चाहिए जैसा कि सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी के साथ है। जनता उनका आदर करती है क्योंकि उनका करियर शानदार रहा हैध् है और उनके द्वारा किए गए विज्ञापनों को लोगों ने सराहा भी है, साथ ही साथ उन उत्पादों का प्रयोग भी किया है।
क्-डिफैरनशियेशन-इसके अनुसार एंर्डोसर ब्रांड के मुताबिक होना चाहिए। एंर्डोसर ऐसा हो जो उसे बाकियों से अलग करे।

एक चर्चित मैगजीन के अनुसार, सचिन तेंदुलकर ने 18.6 मिलियन डालर की कमार्इ की है जिसमें से उन्होंने 16.5 मिलियन डालर सिर्फ एंर्डोसमेंटस से कमाए हैं, के साथ वे 78वेंं स्थान पर हैं तो वहीं धोनी ने उन्हें पीछे छोड़ते हुए 26.5 मिलियन डालर की कमार्इ की है जिसमें से उन्होंने 23 मिलियन डालर तो सिर्फ ब्रांड एंर्डोसमेंटस से कमाए हैं और 3.5 मिलियन डालर अपनी तनख्वाह और इनामी राशि के रुप में जीते हैं, के साथ वह सूची में 31वें स्थान पर हैं।

2011 आर्इ.सी.सी. वल्र्ड कप के दौरान टैम स्पोर्टस द्वारा की गर्इ रिसर्च में पता चला कि उस समय किसी अन्य सेलिबि्रटी की अपेक्षा जिस विज्ञापन में धोनी थे, उन्हें ज्यादा दिखाया गया। प्रतियोगिता के दौरान सारे विज्ञापनों में से 29: हिस्सा सिर्फ धोनी के विज्ञापनों का था। इसमें सचिन 7: के साथ चौथे स्थान पर हैं।
फोब्र्स मैगजीन के अनुसार, धोनी की सालाना कमार्इ 450 करोड़ है जो कि सचिन की सालाना कमार्इ 125 करोड़ से तीन गुना ज्यादा है। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस समय दुनिया के सबसे ज्यादा कमार्इ वाले कि्रकेटर हैं।

कुल मिलाकर कि्रकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और मौजूदा समय में भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आज ब्रांड इमेज बन चुके हैं। भारतीय एड वल्र्ड की दुनिया में इनका कोर्इ सानी नहीं है। यही कारण है कि ब्रांड, कंपनियां अपने ब्रांड एंबेसडर के रुप में इन्हीं को चुनती हैं।

 

 


-कोणार्क रतन

 

 

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