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AWARDS सम्मान

 

 

www.swargvibha.in पर उच्च स्तरीय रचानाएँ (कविता, ग़ज़ल, हाइकु, मुक्तक, शेर, कहानी, संस्मरण, पुस्तक समीक्षा आदि) नि:शुल्क प्रकाशनार्थ आमंत्रित हैं। रचानाएँ Mangal यूनीकोड, अथवा अँग्रेज़ी में टंकित कर swargvibha@gmail.com या फिर swargvibha@ymail.com पर भेजी जा सकती हैं।

 

 

स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान 2014 हेतु प्रविष्टियाँ आमंत्रित ----

 

 

बीते आठ सालों से लोकप्रिय वेबसाइट,स्वर्गविभा ( www.swargvibha.in) हिन्दी सेवा के तहत, देश-विदेश के पाँच साहित्यकार / पत्रकार बन्धुओं को ’स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान’ से नवाजित करती आ रही है । इस वर्ष (2014) भी स्वर्गविभा टीम आप सभी हिन्दी के विद्वानों से नि:शुल्क प्रविष्टि की अपील करती है । आप अपनी प्रविष्टियाँ ( श्रेष्ठ प्रकाशित पुस्तक की एक प्रति*, परिचय- पत्र एवं छाया –चित्र के साथ ) 31 अक्टूबर,2014 ई० तक इस पते पर भेज सकते हैं --- अध्यक्ष, स्वर्गविभा, 1502 सी क्वीन हेरिटेज़,पाम बीच रोड,प्लाट -6, सेक्टर -18, सानपाड़ा, नवी मुम्बई –400705; मो० –09322991198.। चयनित पाँच प्रतिभागियों को, उक्त सम्मान के परिप्रेक्ष्य में प्रशस्ति-पत्र और 2100 /- नगद राशि प्रदान की जायगी ।

 

 

डा० बी० पी० सिंह
अध्यक्ष, स्वर्गविभा

 

 

                                                                                                                                    *वापस नहीं होगी

 

स्वर्गविभा तारा ऑन लाइन प्रतियोगिता 2014

 

देश-विदेश के साहित्यकारों / पत्रकारों को सर्वाधिक लोकप्रिय वेबसाइट,स्वर्गविभा ( www.swargvibha.in ) 2008 से रचनाकारों की रचनाओं द्वारा विश्व स्तरीय आंदोलन आयोजित करती आ रही है । इसके लिए हम, ऐतिहासिक या मानव-समाज से जुड़े किसी ज्वलंत मुद्दे पर आलेख प्रतियोगिता करते हैं; जो साल में दो बार की जाती है । इस साल की यह पहली ऑन लाइन प्रतियोगिता है,जिसका शीर्षक है, “शिष्टाचार” । जिस तरह गुलाब एक अत्यन्त कोमल और सुंदर तत्वों का परिचायक है; शिष्टाचार एक सभ्य समाज का परिचायक है , कैसे तथा सूक्ष्म तत्वों से निर्मित यह शब्द भारत को ही नहीं अपितु विश्व समाज को कैसे गौरवान्वित रखा है ? भावना लोक के समान व्यवहार लोक में भी इसकी क्यों जरूरत है ? प्रविष्टियाँ 31 अगस्त, 2014 तक swargvibha@gmail.com पर भेजी जा सकती हैं ।
स्वर्गविभा तारा ऑन लाइन आलेख प्रतियोगिता 2014 के लिए चयनित रचनाओं में सर्वोत्तम तीन को क्रमश: 1500/-, 1300/- एवं 1100/- रुपये नगद एवं प्रशस्ति-पत्र , सितम्बर ,2014 में प्रदान किये जायेंगे ।

 


ई० राजीव कुमार सिंह
महामंत्री, स्वर्गविभा


स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान 2013 की घोषणा


लोकप्रिय हिन्दी वेबसाइट, स्वर्गविभा (www.swargvibha.in) , नवी मुम्बई द्वारा प्रायोजित ,’स्वर्गविभा तारा राष्ट्रीय सम्मान 2013’ के लिए, देश के कोने-कोने से आये,विद्वान-साहित्यकारों की कृतियों में से निर्णायक समिति द्वारा जिन पाँच विद्वानों के नाम, उनके उत्कृष्ट अवदान एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के आधार पर चयनित किये गये ; उनके नाम इस प्रकार हैं-----
(1) श्री मनोज ठक्कर व सुश्री रश्मि छाजेड़ ( इंदौर,मध्य प्रदेश )
(2) श्रीमती प्रमोद दत्ता ( पंचकुला, हरियाणा )
(3) श्री महेश चंद्र द्विवेदी ( लखनऊ, उ० प्र ० )
(4) श्री संजय कुमार ’अविना्श’ ( लखीसराय, बिहार )
(5) श्री संजय कुमार शर्मा (जांजगीर-चाम्पा, छत्तीसगढ़ )
घोषित विद्वानों को, स्वर्गविभा संस्था, प्रशस्ति-पत्र एवं चेक द्वारा 2100/- की पुरस्कार राशि, प्रत्येक के पंजीकृत पते पर डाक द्वारा शीघ्र प्रेषित करने जा रही है । साथ ही स्वर्गविभा टीम, ईश्वर से इनके उज्ज्वल भविष्य एवं दीर्घायु होने की कामना करती है ।

 

 

डा० बी० पी० सिंह
का० अध्यक्ष, स्वर्ग विभा
1 जनवरी 2014