www.swargvibha.in






 

 

 

विशाल शुक्ल ऊँ

 

 

.......................
वे बोले
हमें सब कुछ दिख रहा है साफ
आतंकवादियों की गल्ती
नहीं की जायेगी माफ
अब दुश्मनों से
आर पार की लड़ाई होगी
हमने कहा
क्षमा कीजिये, हुजूर !
जब तक आपका दिमाग
ठीक नहीं होगा तब तक
बार-बार की लड़ाई होगी

..............

सीमा पर तैनात जवान चिल्लाया
हमने सदैव देश के लिए लड़ा है
मंच पर खडे़ नेता ने भी चिल्लाया
हमने भी तो कैश के लिये लड़ा है

.............

हमने उनसे पूछा
युद्ध समाप्ति के पश्चात ये चादर फैलाए
आप किस बात का चंदा मांग रहे है
वे झट बोले
युद्ध समाप्त हुआ तो क्या हुआ
ये तो चंदे की एक झाकी है
अभी चुनावी युद्ध का चंदा बाकी है

...........

सत्ता के दलालो में देखो
कैसी मची मारा मारी है
विधान सभा लोकसभा के
बाद अब पंचायत की बारी है
.........

सेवा के नाम पर
धर्म के काम पर
जब मेवा खाने
मचती है कांव कांव
देश का बच्चा भी
समझ जाता है
आ गया फिर
कोई चुनाव

.........

हमने उनसे पूछा
वे वार पर वार
किए जा रहे है
आप संघर्ष विराम का
नारा दिए जा रहे है
वे झट बोले
संघर्ष विराम
तो एक बहाना है
हमें सत्ता के
इस कुण्ड में
अभी और नहाना है

---------------------------

 

 

 

 

HTML Comment Box is loading comments...