Search found 21249 matches

by admin
Fri Sep 21, 2018 11:08 am
Forum: मुक्तक
Topic: दास्तान-ए-इश्क़ भी है आग़ पानी की तरह--अमरेश सिंह भदौरिया
Replies: 0
Views: 31

दास्तान-ए-इश्क़ भी है आग़ पानी की तरह--अमरेश सिंह भदौरिया

मुक्तक https://plus.google.com/u/0/_/focus/photos/public/AIbEiAIAAABECLa-1aegkLi92wEiC3ZjYXJkX3Bob3RvKigwZjVmMDJmNmJhNzdiMTY4MTk0OTJjNDUzOTY5MGFjMjY1NGIyODVjMAFhzgR-klD8UCtnKteehj7H9b2kcw?sz=32 Amresh Singh दास्तान-ए-इश्क़ भी है आग़ पानी की तरह। महक मिलती है इसमें रातरानी की तरह। समय जिसका ठीक हो मि...
by admin
Fri Sep 21, 2018 10:57 am
Forum: press news
Topic: सुखमंगल सिंह सम्मानित
Replies: 0
Views: 47

सुखमंगल सिंह सम्मानित

May 25, 2018 https://lh3.googleusercontent.com/-2WbuVF2AdcA/WwfZvjeutMI/AAAAAAAAfpo/YT8u-YFBVVQyMf3FauWyTLjmv87CL60xgCJoC/w530-h707-n/20180520_191651.jpg सुखमंगल सिंह ! बालवरर्गंज,बदलापुर जौनपुर उत्तर प्रदेश में सरोज -विद्याशंकर महाविद्यालय में सरस्वती जी का प्रतीक चिन्ह फूलमाला देकर सुखमंगल सिंह को...
by admin
Fri Sep 21, 2018 10:52 am
Forum: गज़ल
Topic: -चुनाव / निवडणुक विशेष-----विश्वनाथ शिरढोणकर
Replies: 0
Views: 44

-चुनाव / निवडणुक विशेष-----विश्वनाथ शिरढोणकर

Vishwanath Shirdhonkar https://scontent.fbho1-1.fna.fbcdn.net/v/t1.0-1/38894790_1349952415137931_6143633894370443264_n.jpg?_nc_cat=103&oh=924f6f979e4a4ea45a3e80bdc2ac5b62&oe=5C2549E5 -चुनाव / निवडणुक विशेष ------------------------------------- -लालू कहंल ए राबडी विपदा है भारी आई नितीश ने धूम मचाई दि...
by admin
Fri Sep 21, 2018 10:48 am
Forum: कविता
Topic: राखी का अटूट रिश्ता----शालू मिश्रा
Replies: 0
Views: 31

राखी का अटूट रिश्ता----शालू मिश्रा

Shalu Mishra कविता (राखी का अटूट रिश्ता) भाई और बहन हो जाओ तैयार, लो आ गया राखी का त्योहार । ठंडी बारिश की बूँदे, सावन की सौंधी महक। भाई के आने की उम्मीद बहना को लगी है कसक। राखी और मिठाई से सजा होगा पूजन थाल, अक्षत रोली सोहेगा प्यारे भाई के भाल । अटूट रेशमी धागे से कलाई पे चमक आ जाएगी, भाई को कभी न...
by admin
Thu Sep 20, 2018 7:21 pm
Forum: गज़ल
Topic: आरजू थी कि आज का जाम,हम तुम्हारे नाम करें--डॉ. श्रीमती तारा सिंह
Replies: 0
Views: 38

आरजू थी कि आज का जाम,हम तुम्हारे नाम करें--डॉ. श्रीमती तारा सिंह

http://www.swargvibha.in/horizontalmenu/tara%20singh.png आरजू थी कि आज का जाम , हम तुम्हारे नाम करें तेरे कैद- ए-कफ़स1 में रहकर , रात आराम करें मेरे इश्क को तुम्हारे दामन का कभी न सहारा मिला हम कैसे अपने बज़्म2में,तुम्हारे नाम का अहतमाम3करें रहता नहीं अपना मुकद्दर भी अपने साथ कभी हम अपना नाम तुम्हा...
by admin
Thu Sep 20, 2018 7:18 pm
Forum: गज़ल
Topic: अक्सर हमारे ही साथ ऐसा होता क्यों है---डॉ. श्रीमती तारा सिंह
Replies: 0
Views: 31

अक्सर हमारे ही साथ ऐसा होता क्यों है---डॉ. श्रीमती तारा सिंह

http://www.swargvibha.in/horizontalmenu/tara%20singh.png अक्सर हमारे ही साथ ऐसा होता क्यों है हम जिसका भला चाहते, वह बुरा चाहता क्यों है गजब की दुनिया है,इन्सां को इन्सां की कद्र नहीं फ़िर भी फ़रिश्ता यहाँ आना चाह्ता क्यों है सुनाने काबिल थी जो बात, सुनाया नहीं आज उसी बात को सुनाने वह रोता क्यों है...
by admin
Thu Sep 20, 2018 7:15 pm
Forum: गज़ल
Topic: आबगीना,तुन्दी-ए-सहबा से कभी पिघला नहीं,हमने--डॉ. श्रीमती तारा सिंह
Replies: 0
Views: 33

आबगीना,तुन्दी-ए-सहबा से कभी पिघला नहीं,हमने--डॉ. श्रीमती तारा सिंह

http://www.swargvibha.in/horizontalmenu/tara%20singh.png आबगीना1,तुन्दी-ए-सहबा2 से कभी पिघला नहीं, हमने दिल उसके पास छोड़ आया, जिससे कभी मिला नहीं कोई दिन न ऐसा आया, जब उसका आँचल हमारे हाथ आया, तुम कहते, जमीं-आसमां में फ़ासला नहीं सूख गया दिल का लहू, जब हमने जाना, रात वह गैर के संग थी, तू कहता ,यह ...
by admin
Thu Sep 20, 2018 7:11 pm
Forum: गज़ल
Topic: कहते हैं मेरे दोस्त, मेरा सूरते हाल देखकर---डॉ. श्रीमती तारा सिंह
Replies: 0
Views: 35

कहते हैं मेरे दोस्त, मेरा सूरते हाल देखकर---डॉ. श्रीमती तारा सिंह

http://www.swargvibha.in/horizontalmenu/tara%20singh.png कहते हैं मेरे दोस्त, मेरा सूरते हाल देखकर कर ले न ख़ुदा तुझको याद ,तू ख़ुदा को याद कर आदमी खाक का ढ़ेर है, वादे-फ़ना1 कुछ भी नहीं मौत का सजदा2 हो, मौत से न कोई फ़रियाद कर तेरी सूरत से जो हो किसी को इंकार, तो रहने दे खुद को जर्रा समझकर उसकी रा...
by admin
Thu Sep 20, 2018 7:04 pm
Forum: कविता
Topic: मेरी माँ-----शालू मिश्रा
Replies: 0
Views: 38

मेरी माँ-----शालू मिश्रा

Shalu Mishra Attachments3:37 PM (3 hours ago) to me --कविता ( मेरी माँ ) मुसीबत के समंदर में जो किनारा दे वो है मेरी माँ, जीने के मायने जो सिखाये वो हैं मेरी माँ। औलाद उदास हो तो मुस्कान चेहरे पर लादे वो हैं मेरी माँ। लबों पे जिसके कभी बद्दुआ न आती वो हैं मेरी माँ। हवाओं जैसी चलती हैं मेरी माँ। रुक ...
by admin
Thu Sep 20, 2018 7:00 pm
Forum: कविता
Topic: बेटी की अहमियत----शालू मिश्रा
Replies: 0
Views: 33

बेटी की अहमियत----शालू मिश्रा

Shalu Mishra कविता (बेटी की अहमियत) धन की लालसा मन में जगाते हो, बेटी को पराया धन बोल गर्भ में गिराते हो। कहते है ,के बेटा वंश बढायेगा, यदि बहू न आई आंगन तो किलकारी कौन गूंजायेगा। हे मानुष यह जघन्य अपराध ही मनुष्य की हार है, बेटी बिन न चल सकता घर- परिवार है। https://mail.google.com/mail/u/0?ui=2&ik=...