राजाभाऊ और गधा ----विश्वनाथ शिरढोणकर

Post Reply
User avatar
admin
Site Admin
Posts: 21569
Joined: Wed Nov 16, 2011 9:23 am
Contact:

राजाभाऊ और गधा ----विश्वनाथ शिरढोणकर

Post by admin » Sun Oct 14, 2018 2:23 pm

Image
·

–‘क्यों राजाभाऊ , आज साहब ने फिर आपको गधा कहाँ ? अब तो साहब का नाम ‘ गिनीज बुक्स ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स ‘ में देना ही चाहिए ।‘ हुकुम चपरासी ने भी आज फिर राजाभाऊ से मजाक किया ।

– ‘हुकुम , मार खानी हैं क्या तुझे ? ‘ फिर बोले , ‘ तू भी कर मजाक मुझसे और साहब के साथ तेरा नाम भी तो ‘ गिनीज बुक्स ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड्स ‘ में देना ही पड़ेगा ।लेकिन हुकुम मुझे यह बता कौएं के श्राप से कहीं गाय को मौत आती हैं क्या ? ‘

-‘मतलब अपने साहब कौआ ? ‘ हुकुम चपरासी को हंसी आगई ।‘ अभी जाकर बोलता हूँ साहब को ।‘[/img]
Image
सारांश

– और एक दिन सचमुच ही राजाभाऊ शहर से बाहर एक कुम्हार के यहाँ पहुच गए ।उन्हें कुम्हार ने बहुत सारी ज्ञान की बातें बताई । कुम्हार से मिलने के बाद ही राजाभाऊ को गधे की कई विशेषताओं के बारे में ज्ञात हुआ। कुम्हार ने बताया कि , विश्व में सबसे अच्छा प्राणी गधा ही हैं । सीधेसादे स्वामी भक्त गधे में लोमड़ी जैसी चालबाजी नहीं , शेर जैसी क्रूरता नहीं । ख़ास बात यह कि वह कामचोर नही , काम के बोझे का बुरा नहीं मानता । कुत्ता पालने से तो गधा पालना बेहतर । कुत्ते सरीखा , गधा आदमी को काटने नहीं दौड़ता ।आखिर कुत्ता भौकने के सिवाय किस काम का ? पर ना जाने क्यों लोग कुत्ता पालना अपनी शान समझते हैं ? विशेष यह कि कुत्ते से सब डरते हैं पर गधा किसी को डराता नहीं हैं । गधे के चिल्लाने की आवाज पूरे गाँव में सुनाई देती हैं और इस तरह चोर भाग जाता हैं पर एक कुत्ता अकेला नहीं चिल्लाता सब कुत्तों को इकठा कर लेता हैं ।कुत्ता किसी के रोजगार में मददगार नहीं हैं ।गधा कुम्हार का सच्चा साथी हैं ।और राजाभाऊ का तो बन ही गया ।
Image
Mail your articles to swargvibha@gmail.com or swargvibha@ymail.com

Post Reply