जिंदगी 1 से लेकर 0 तक का सफर है---धर्मेन्द्र मिश्र

Post Reply
User avatar
admin
Site Admin
Posts: 21393
Joined: Wed Nov 16, 2011 9:23 am
Contact:

जिंदगी 1 से लेकर 0 तक का सफर है---धर्मेन्द्र मिश्र

Post by admin » Sun Jan 21, 2018 7:11 pm

जिंदगी 1 से लेकर 0 तक का सफर है,फिर 0 पे जाकर खत्म हो जाती है .

जो करा सब इसी के बीच करा फिर सब यही धरा का धरा रह जाता है .

1 से 9 तक तो इंसान नजर आता है,फिर जब 10 आता है 1*0=0 हो जाता है .

इसके बाद वो इंसान फिर कहाँ जाता है इस हकीकत को कोई नहीं जनता है.

जिन्दी तो 0 पर खत्म होगई,फिर गिनती के 13 दिन तमाशा और चलता है .

रूह कही यही न रह जाये,वो फिर कही वापिस न लौट आये,ये डर सताता है .

जनाजे से लेकर तेरवी तक तो हर कोई अपनेपन का सबूत देने आता है .

तेरवी 13 वे दिन हो गई फिर कोई 14 वे दिन से नजर नहीं आता है .
Image
Mail your articles to swargvibha@gmail.com or swargvibha@ymail.com

Post Reply