सियासी हलकों में पूजने लगा है .--- गिरीश बिल्लोरे ”मुकुल”

Post Reply
User avatar
admin
Site Admin
Posts: 21569
Joined: Wed Nov 16, 2011 9:23 am
Contact:

सियासी हलकों में पूजने लगा है .--- गिरीश बिल्लोरे ”मुकुल”

Post by admin » Sun Oct 18, 2015 5:36 am

सियासी हलकों में पूजने लगा है .
दिया अदब का अब बुझने लगा है .
################
कटा सर आया था तो चुप था वो, इक लफ्ज़ न बोला
वापस करने को सितारों से भरा झोला न खोला...!
भरोसा अपना जुगनुओं से उठने लगा है ..!!
################
सिपाही पुलिस के मारे, मरे मज़लूम पटवारी
सुकमा में साबित हुए हो कई बार अपचारी....!
तबका सोया हुआ तबका अब उठने लगा है ..!!
################
तुम्हारी गोलबंदी अब न चलेगी जानते हो तुम
अपने हालात को अच्छी तरह पहचानते हो तुम ......!
तुम्हारी हर हकीकत से जो पर्दा उठने लगा है ..!!
################
किसी अखलाक या रणबीर का मरना रुलाता है
चमकता भाल भारत का पल वो झुकाता है
रियाया सांस कैसे ले दम अब घुटने लगा है ..!!
################
खुदा का वास्ता तुमको, कसम श्री राम की भी है ,
ये धरती राम की गर है तो रहमान की भी है ....!!
सियासी गोलबंदी से मन उठने लगा है.......!!
+++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++
गिरीश बिल्लोरे ”मुकुल”
Image
Mail your articles to swargvibha@gmail.com or swargvibha@ymail.com

Post Reply