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गया सकूं कोई गीत वो आवाज़ ना मिले-- abhijeet sharma

Posted: Wed Feb 03, 2016 6:30 am
by admin
गया सकूं कोई गीत वो आवाज़ ना मिले
बन सकूं महान वो लिहाज़ ना मिले
गर कहा हूँ झूठ जो मेहबूब के लिये
दो लफ्ज़ लिखने को मुझे अल्फ़ाज़ ना मिले

ज़माने के झरोखो में मुझे मन्जिल नहीं मिलती..
मेरी नज़रो की राहे अब नज़र उनकी नहीं तकती..
मुझे पाने की ख़ातिर जो रोये थे रात-रात भर..
उन्हें मेरे लिये दो पल की अब फुरसत नहीं मिलती..