इश्क़ का नया उसूल समझ आया---Amit Kumar

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इश्क़ का नया उसूल समझ आया---Amit Kumar

Post by admin » Tue Nov 07, 2017 5:46 am

शायरी : Amit Kumar
Loco pilot/Njp


1. आज के शिक्षा बच्चों को चाश्मा लगवा सकती है,
दूर तक देखने की नजर नहीं दे सकती ।

2. एक शहर ढूंढता हूँ अमन चैन को
इस शहर में जानवर बेलगाम हो गये हैं।

3. उसकी नजरें अपनापन का यकीन दिलाता रहा
हवाओं ने रुख क्या बदला, वो गैर हो गयी।

4. मुझपर धाराएँ अपहरण का लगा
हाथ थाम मगर दोनों ही भागे थे।

5. इश्क़ का नया उसूल समझ आया अब मुझे
पैसा और दिखावा, इसका पहचान हो गया।
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