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कली भ्रमर पुष्प बसंत---- सुशील शर्मा

Posted: Mon Feb 19, 2018 11:50 am
by admin
हाइकु -130
कली भ्रमर पुष्प बसंत
सुशील शर्मा

शस्य श्यामला
मदमस्त श्रृंगार
बसंती प्यार

मस्त भ्रमर
कलियों के कानों में
गीत सुनाये।

पराग रस
गुनगुनाते भौरें
फूलों पर झूलें।

कोकिल कूकी
सतरंगी बसंत
नवल कली।

ऋतु अनंग
रतिमय आनंद
मस्त मदन।

पीली सरसों
केशरी है पलाश
पुष्प सुवास।

भौरीं गुंजन
बसंत निकुंजन
पिक कुंजन

मधुप गान
कलियन वितान
नैनन बान।

रंग अनंत
चित्रकार बसंत
सजा दिगंत