Haiku by Dr. Bhavna Kunwar

Post Reply
User avatar
admin
Site Admin
Posts: 21569
Joined: Wed Nov 16, 2011 9:23 am
Contact:

Haiku by Dr. Bhavna Kunwar

Post by admin » Fri Dec 02, 2011 9:33 am

1
नन्हा सा पंछी
बनाये आशियाना
मोर वृक्ष पे।

2
इन्द्रधनुषी
रंगों जैसे खिले हैं
गुलमोहर।

3
झूम-२ गाते हैं
खेत-खलियान भी
आया बसन्त।

4
मौसम आया
फूलों पे खिले रंग
खुशियाँ लाया।

5
रंग- बिरंगे
खेत जो लहरायें
मन लुभाएँ।

6
झूमती डाल
चहचहाते पंछी
मदमस्त से।

7
लदी हुई हैं
रसभरे फलों से
पेड़ की डाली ।

8
आसमान में
दूधिया सा चन्द्रमा
चमक रहा ।

9
नभ में लाली
बहुत मतवाली
इन्द्रधनुषी।

10
चीं-चीं करती
चिड़ियाओं की बोली
लगे है भोली ।

11
घोसले में थे
लालायित दाने को
वो नन्हें-२ चूज़े।

12
थकी थकान
बर्फीली आग में भी
चाँदनी जली।

13
सूरज़ बोला
तपती धूप मुझे
न यूँ झुलसा।

14
शामियाने से
तने हुए हैं बादल
बरसें नहीं।

15
कश्तियाँ चलीं
पर घबराकर
भूली हैं राह।

16
फूला समाए
झील में तैरता सा
कमल दल।

17
उड़ते आए
काले-काले बदरा
बरसे खूब।

18
तेज़ भँवर
चीरती सन्नाटे को
रात के वक्त।
Image
Mail your articles to swargvibha@gmail.com or swargvibha@ymail.com

Post Reply