आजादी की कीमत---शालू मिश्रा

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आजादी की कीमत---शालू मिश्रा

Post by admin » Wed Sep 19, 2018 3:32 pm

Shalu Mishra

कविता
(आजादी की कीमत)

कितना सुंदर
कितना
प्यारा देखो
हिन्द देश हैं,
तीन लोक से न्यारा
ओर विशेष हैं।
सिर पर पहने
केसरिया बाना
राष्ट्रपहरी यहाँ
आए थे,
सीने पर गोली
खाके हँसते हंसते
प्राण गवाँये थे।
किया सर्वस्व
न्योछावर समर्पण
करके,
इतिहास में हुए
अमर जो वीर
शहीद बनके।
अंग्रेजो ने यहाँ
राज किया था,
हमे आपस में
लङवाया था
आजादी की
खातिर शहीदो ने
लहू बहाया था।
आजादी हमे
मिली नही भीख
और दान से,
लाखो परवानो ने
मस्तक कटाए
यहाँ बलिदान से।
है आस यही
बस मन में
आजादी की निर्मल
ज्योत जले
चहुँ ओर,
बढ -चढ कर
युवा आगे आए
नित नये दौर ।
मुल्क की हिफाजत
करना ही है
हमारा फर्ज,
न जाने कितने
शहीदो का है हम
पर कर्ज।
ए भारत माँ के
सपूतो तुम पर
न्योछावर है मेरे
सारे जन्म,
दिल से करती
हूँ हमेशा
नतमस्तक
तुम्हें नमन।
शालू मिश्रा, नोहर (हनुमानगढ)राजस्थान
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