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इश्क में तेरे अब मेरा क्या हाल हो गया--शिवांकित तिवारी "शिवा"

Posted: Sun Dec 09, 2018 10:30 am
by admin
Shivankit Tiwari


इश्क में तेरे अब मेरा क्या हाल हो गया,
जीने लगा अब मैं,
वाह क्या कमाल हो गया,
अजनबी,अनजान,अजीबोगरीब था पहले मैं,
अब तेरे इश्क-ए-रहमतों से मैं मजबूत ढाल हो गया,
न ही नींद,न ही ख्वाब आते थे पहले मुझे,
अब तो तेरे रंगीन खयालातों से मालामाल हो गया,
बेअसर,बेढंग,बेरंग था बहुत पहले मैं,
अब तो तेरे इश्क-ए-असर का रंग गहरा लाल हो गया,
पहले तो उलझा रहता खुद के ही प्रश्नों में मैं,
अब तो मैं खुद हाजिरजबाबी सवाल हो गया,
पहले अधूरा,बेचैन,बेमतलब सा था मैं,
तेरे इश्क में अब मैं पूरा बेमिशाल हो गया,
मेरी शायरी-गजल-कव्वाली सब तू हैं आजकल,
तेरे इश्क में अब मैं शायर-ए-कव्वाल हो गया,

-शिवांकित तिवारी "शिवा"
~युवा कवि एवं लेखक~
सतना (म.प्र.)