मुठभेड़ में शामिल पुलिस वाले से जान को खतरा, पुलिस कप्तान को भेजा पत्र- रिहाई मंच

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मुठभेड़ में शामिल पुलिस वाले से जान को खतरा, पुलिस कप्तान को भेजा पत्र- रिहाई मंच

Post by admin » Fri Jul 27, 2018 5:57 pm

Rihai Manch- For Resistance Against Repression

मुठभेड़ में शामिल पुलिस वाले से जान को खतरा, पुलिस कप्तान को भेजा पत्र- रिहाई मंच

किसी भी अप्रिय घटना के लिए प्रशासन के साथ सरकार भी होगी जिम्मेदार

लखनऊ 27 जुलाई 2018. रिहाई मंच ने कहा कि महासचिव राजीव यादव ने आजमगढ़ पुलिस कप्तान को शिकायती पत्र भेजते हुए कहा है कि मुठभेड़ों का सवाल उठाने पर आजमगढ़ कन्धरापुर थाना प्रभारी अरविन्द यादव द्वारा दी गयी धमकी से उनको मानसिक आघात पहुंचा है और उनको अरविन्द यादव से जान को खतरा है. शिकायती पत्र में मंच महासचिव राजीव यादव ने मांग की कि अरविन्द यादव के तमाम कृत्यों और क्रियाकलापों की विभागीय जाँच करके कार्रवाई की जाये. इस बावत आवश्यक कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश लखनऊ और जिलाधिकारी आजमगढ़ को भी पत्र भेजा है.

रिहाई मंच अध्यक्ष एडवोकेट मुहम्मद शुऐब ने कहा कि फर्जी मुठभेड़, रासुका और भारत बंद के नाम पर पुलिसिया उत्पीड़न के सवालों पर रिहाई मंच लगातार सवाल उठा रहा है. आतंकवाद के नाम पर फंसाए गए निर्दोषों का सवाल हो या फिर साम्प्रदायिक-जातीय हिंसा, हम हर नाइंसाफी के खिलाफ खड़े रहे हैं. इस तरह की धमकियाँ साफ़ करती हैं कि सत्ता संरक्षण में यह सब हो रहा है. ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना के लिए पुलिस प्रशासन के साथ सरकार भी जिम्मेदार होगी.

पुलिस कप्तान आज़मगढ़ को भेजे गए शिकायती पत्र में राजीव यादव ने कहा है कि 5 जुलाई को मोबाइल पर जान-माल की धमकी देने के बाद अरविन्द यादव द्वारा उन्हें 10 जुलाई को एक कथित नोटिस भी भेजी गयी है. पत्र में कहा है कि अरविन्द यादव को उनके पदीय कृत्यों पर सवाल खड़ा करने या टिप्पणी करने का व्यक्तिगत अधिकार प्राप्त नहीं है फिर भी उनकी तरफ से अरविंद मिश्रा एडवोकेट द्वारा अपना पंजीयन संख्या दिए बिना अरविंद यादव की तरफ से एक नोटिस 10 जुलाई 2018 प्रेषित की गई है. जिसकी जानकारी विभाग को दिए जाने के सन्दर्भ में अथवा नोटिस देने की अनुमति विभाग से प्राप्त करने के सन्दर्भ में नहीं लिखा गया है जो अरविंद यादव द्वारा विभागीय अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। नोटिस का भेजा जाना यह भी दर्शाता है कि अरविंद यादव द्वारा मुझे बराबर डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। राजीव यादव ने कहा है कि जैसा कि उनको पुलिस प्रशासन ने अवगत कराया है कि इस मामले में कार्रवाई की जा रही है, ऐसे में अरविन्द यादव द्वारा भेजी गई नोटिस को कार्रवाई में शामिल किया जाए.

पत्र में विस्तारपूर्वक बताया गया है कि 5 जुलाई 2018 को थाना प्रभारी कन्धरापुर जिला आजमगढ़ अरविंद यादव द्वारा कारित अपराध पर कार्रवाई किए जाने के लिए 6 जुलाई 2018 को पुलिस महानिदेशक के कार्यालय जाकर कार्रवाई की मांग की गई थी. उक्त संबन्ध में आजमगढ़ पुलिस को ट्वीट किया गया था जिसके उत्तर में आजमगढ़ पुलिस द्वारा लिखित शिकायत दिए जाने को कहा गया था. 9 जुलाई 2018 को ईमेल और 11 जुलाई 2018 को रजिस्टर्ड डाक द्वारा शिकायत लिखित रुप से प्रेषित कर दी गई थी. जिसकी सूचना ट्वीट पर आजमगढ़ पुलिस को दे दी थी. 10 जुलाई 2018 को एसएमएस द्वारा सूचित किया गया ‘पुलिस महानिरीक्षक लो0 शि0 उप्र के कार्यालय में दिनांक 6-18 को प्राप्त श्री राजीव यादव के प्रार्थना पत्र को एसपी आजमगढ़ को जांच हेतु प्रेषित किया गया है सन्दर्भ सं0 डीजी-5-55(ए-92)/18 है।‘ अन्य लोगों द्वारा सवाल उठाने पर यूपी 100 ने 7 जुलाई 2018 को ट्वीट कर बताया था कि ‘इवेंट नंबर- पी 07071800857 महोदय आपकी कंप्लेट को दर्ज कर लिया गया है निश्चिन्त रहे उचित कार्यवाही की जाएगी’ वहीं एक अन्य शिकायत पर आजमगढ़ पुलिस ने ट्वीट कर बताया कि ‘उपरोक्त प्रकरण उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।‘ इनके अलावां भी बहुत सारी शिकायतें विभिन्न लोगों द्वारा की गईं.



द्वारा जारी

शाहनवाज़ आलम

प्रवक्ता, रिहाई मंच

9415254919
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