माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध लिक्विड गोल्ड होता है . . Limty Khare

Post Reply
User avatar
admin
Site Admin
Posts: 21569
Joined: Wed Nov 16, 2011 9:23 am
Contact:

माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध लिक्विड गोल्ड होता है . . Limty Khare

Post by admin » Sun Aug 05, 2018 6:57 pm

माँ का पहला पीला गाढ़ा दूध लिक्विड गोल्ड होता है . . .
(ब्यूरो कार्यालय)
सिवनी (साई)। विश्व स्तनपान सप्ताह के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय कार्याशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.के.सी.मेश्राम तथा सिविल सर्जन आर.के.श्रीवास्तव के संयुक्त तत्वाधान में जिला चिकित्सालय के मेटरनिटी वार्ड में आयोजित की गयी।
कार्यशाला में स्त्री रोग विषेषज्ञ डॉ.चेतना बान्द्रे ने सफल स्तनपान कराने संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं को गर्भवस्था से ही उचित खान-पान एवं आराम का ध्यान रखना चाहिये। गर्भावस्था में महिला का वजन 10 से 12 किलोग्राम बढ़ जाता है जिसमें होने वाले बच्चे का वजन भी शामिल रहता है।
उन्होंने बताया कि गर्भावस्था में महिला को अधिक बार भोजन करना चाहिये। अपने व अपने बच्चे के लिये भोजन संतुलित होना चाहिये जिसमंे अनाज, दाले, तेल, दूध, फल व सब्जियां शामिल हों। अपने दैनिक आहार में मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियां व मौसमी फल शामिल होने चाहिये।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान महिला चिकित्सक से नियमिति जाँच करानी चाहिये। गर्भावस्था के दौरान महिला को स्तनो की जाँच भी करना चाहिये, असामान्य होने पर पुनः चिकित्सक से जाँच कराना चाहिये। साथ ही चिकित्साक की सलाह अनुरूप टिटनेस के टीके लगवाना, आयरन फॉलिक एसिड गोली व केल्शियम गोलियां नियमित रूप से खाना चाहिये। उन्होंने कहा कि दिन में कम से कम 02 घण्टे आराम करना चाहिये। संस्थागत प्रसव ही करवाना सुनिश्चित करने की बात उन्होंने कही।
वहीं शिशु रोग विषेषज्ञ डॉ.एच.पी. पटेरिया ने कार्यशाला में गर्भवती महिलाओं को जानकारी देते हुए बताया कि माताएं अपने बच्चे को जन्म के 01 घण्टे के अन्दर स्तनपान कराना आरंभ करें इससे आपका दूध जल्दी उतरता है। फिर बच्चा जब-जब दूध माँगे उसे पिलायें। इससे आपके और बच्चे के बीच प्यार भरा रिश्ता विकसित होता है, तथा प्लेसेन्टा भी जल्दी बाहर आयेगा व खून कम बहेगा।
चिकित्सकों ने बताया कि नवजात को दूध बार-बार पिलाने से दूध का बहाव अच्छा व अधिक मात्रा में होगा। अपने बच्चे को पहला पीला गाढ़ा दूध जिसे कोलोस्ट्रम या लिक्विड गोल्ड मिलेगा। यह बच्चे का पेट व आँतंे साफ करता है, पोषण तत्वों से भरपूर होता है, बच्चों को कई रोगों से बचाता है।
चिकित्सकों के अनुसार विटामिन ए, डी, ई, से भरपूर होता है। अतः यह ध्यान रखा जाये स्तनपान से पहले शिशु को घुट्टी, गुड़, शहद, या मीठा पानी आदि कोई चीज न दंे। अपना दूध पिलाने से ही 06 महिने तक शिशु को पूर्ण आहार मिलता है व आसानी से पच जाता है। साथ ही माता का दूध दस्त एवं निमोनिया जैसी बीमारियों से भी शिशु का बचाता है।
इसी क्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक दिनेश चौहान ने मुख्यमंत्री प्रसुति सहायता योजना, श्रमिक कर्मकार मण्डल योजना, जननी सुरक्षा योजना के लाभांे के बारे मंे विस्तृत रूप से जानकारी दी।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मेश्राम ने कहा कि माता चाहे कितनी भी कमजोर हो वह अपने शिशु को पर्याप्त मात्रा में दूध पिला सकती है। उसे यह ध्यान रखना चाहिये कि बीमारी की अवस्था में भी वह अपने शिशु को स्तनपान करा सकती है। यदि वह स्तनपान कराने की स्थिति मे न हो तो स्तनों से दूध साफ कटोरी या कप में निकालकर चम्मच से बच्चे को पिलाया जा सकता है। बाहर का दूध किसी भी स्थिति में नहीं देना चाहिये। यह भी ध्यान रखंे कि शिशु का वजन प्रतिदिन 25 से 30 ग्राम बढ़ता है, यानि एक माह में 500 ग्राम से अधिक वजन बढ़ना चाहिये तथा प्रतिदिन 06 से 08 बार पेशाब करना चाहिये। इससे माँ को यह सुनिश्चित करने मंे सहायता होती है कि बच्चा सही स्तनपान कर रहा है।

-----------------
Image
Mail your articles to swargvibha@gmail.com or swargvibha@ymail.com

Post Reply