धन्यवाद टुन्नू ( लघु कथा )---सुशील शर्मा

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धन्यवाद टुन्नू ( लघु कथा )---सुशील शर्मा

Post by admin » Sun May 06, 2018 7:34 pm

धन्यवाद टुन्नू*


बाहर नगर पालिका की कचरे समेटने वाली गाड़ी में स्पीकर से गाना रहा था "गाड़ीवाला आया बहिन कचरा निकाल "

मेरी पांच साल की बेटी टुन्नू बोली "पापा ये गाड़ीवाला इस कचरे का क्या करता है ?"

"कुछ नहीं बेटा एक जगह पर जाकर इकठ्ठा फेंक देते हैं "मैंने पेपर पढ़ते हुए कहा।

पापा मम्मी और बाजु वाली आंटी बाहर सड़क पर कचरे को क्यों फेंकते हैं इससे गंदगी होती है "टुन्नू की बात सुनकर मेरी श्रीमती गुस्से में बोली "अच्छा तू ही मोदी जी की स्वच्छता की दूत है।

वो सही तो कह रही है सड़क पर कचरा फेंकने से हमारा घर तो स्वच्छ हो जाता है किन्तु पर्यावरण नष्ट और प्रदूषित होता है "मुझे मानो श्रीमती जी पर आक्रमण का मौका मिल गया था।

"अच्छा ज्यादा बातें मत करो कभी हाथ में झाड़ू पकड़ी है जो इतना प्रवचन दे रहे हो "एक गिलास पानी खुद लेकर पी नहीं सकते बड़े आये सफाई पर प्रवचन देने वाले "श्रीमती आक्रामक मुद्रा में आ गई थी।

अरे नहीं मैं तो सामान्य बात कर रहा था मैंने बचाव की मुद्रा में कहा।

"पापा कल रविवार है क्यों न हम कल अपने बगीचे और घर की सफाई कर पूरे कूड़े को उस कचरा गाड़ी में डालें "टुन्नू ने बहुत उत्साहित होकर कहा।

"अरे नहीं बेटा कल बहुत काम है मुझे मगसम के लिए आर्टिकल कवितायेँ लिखना हैं "मैंने पतली गली से भागने की कोशिश की।

"तुमने अपना कमरा और कम्प्यूटर देखा है कितनी धूल छा रही है टुन्नू सही कह रही है कल आप पूरे कमरे के जाले और बगीचे की सफाई करेंगे। मैं मगसम पटल पर सभी से कह दूंगी की आज शर्मा जी मोदी सफाई दूत हैं कृपया इनको क्षमा करदें "मेरी पत्नी की मुस्कराहट बता रही थी कि मैं फंस चुका था।

आज सुबह से ही मैं और मेरी बेटी घर की सफाई में व्यस्त हैं सर पर कपड़ा बांधे हाथ में लम्बा झाड़ू बंधा डंडा पकड़े सफाई में व्यस्त हूँ मेरी बेटी टुन्नू मेरी सहायता कर रही है। बाहर मोदी जी का सफाई दूत स्पीकर में चिल्ला रहा है "गाड़ी वाला आया बहिन कचरा निकाल "

मन को अच्छा भी लग रहा है कि आज रविवार को मैं अपनी पत्नी के कामों में हाथ बटा रहा हूँ। साथ में उस पुरुष अभिमान का भी क्षरण हो रहा है जो ये समझता है की ये सफाई बगैरा के काम सिर्फ स्त्रियों के लिए हैं।

धन्यवाद टुन्नू।
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