आँखें खोज रही हैं तुमको दर्शन दे दो राम----अमन चाँदपुरी

Post Reply
User avatar
admin
Site Admin
Posts: 21476
Joined: Wed Nov 16, 2011 9:23 am
Contact:

आँखें खोज रही हैं तुमको दर्शन दे दो राम----अमन चाँदपुरी

Post by admin » Tue Jan 16, 2018 2:25 pm

गीत

आँखें खोज रही हैं तुमको दर्शन दे दो राम।

श्रृद्धा से नतमस्तक होकर तुम्हें पुकारा है।
इस दुनिया में सिवा तुम्हारे कौन हमारा है।।
रटते-रटते जिसे दूर होते हैं अँधियारे -
यही तुम्हारा नाम, हमारा एक सहारा है।।
पूजन करता, अर्चन करता रोज़ सुबह से शाम -
आँखें खोज रही हैं तुमको दर्शन दे दो राम।।

मनुज रूप है मिला हमें तो जीना पड़ता है।
जीवन तो है विष का प्याला पीना पड़ता है।।
सिवा तुम्हारे नहीं किसी से दुखड़ा रोयेंगे -
इसीलिए अधरों को भी अब सीना पड़ता है।।
घोर निराशा लेकर मन में, गुजरी उम्र तमाम -
आँखें खोज रही हैं तुमको दर्शन दे दो राम।।

कण-कण में है धाम तुम्हारा, मन-मन में बसते।
नाम तुम्हारा लेने वाले अधर नहीं हँसते।।
इनको हँसने का अवसर दे दो हे पूरण काम -
राम-राम कह घर के कोने रोज़ तंज कसते
मेरे कारण नाम तुम्हारा, हो न कहीं बदनाम -
आँखें खोज रही हैं तुमको दर्शन दे दो राम।।

अमन चाँदपुरी
Image
Mail your articles to swargvibha@gmail.com or swargvibha@ymail.com

Post Reply