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Administrator Dr. Srimati Tara Singh









एक बचपन का जमाना था

 

 

एक बचपन का जमाना था,
जिस में खुशियों का खजाना था..


चाहत चाँद को पाने की थी,
पर दिल तितली का दिवाना था..


खबर ना थी कुछ सुबहा की,
ना शाम का ठिकाना था..


थक कर आना स्कूल से,
पर खेलने भी जाना था...


माँ की कहानी थी,
परीयों का फसाना था..

 


बारीश में कागज की नाव थी,
हर मौसम सुहाना था..

 

 

Ganga Shyam Jadoun

 

 

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