tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh









बहते पानी में अतीत के मंज़र नही ढूंढें जाते

 

 

बहते पानी में अतीत के मंज़र नही ढूंढें जाते
रेगिस्तान में समंदर नही ढूंढें जाते

 

 

वक़्त और इश्क़ तो होते ही है काफिर, सनम
काफिरों में वफाओं के गौहर नही ढूंढें जाते

 

 

कुछ घाव तो भर जाते है फक़त वक़्त गुजरने पर
जो मर्ज़ हो इश्क़ सा तो हकीमों के दर नही ढूढे जाते

 

 

 

----------------------- मीनाक्षी तिवारी-----------

 

 

 

HTML Comment Box is loading comments...