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Administrator Dr. Srimati Tara Singh









बता रहा है साफ - साफ अंजाम देखो

 

 

बता रहा है साफ - साफ अंजाम देखो
हर इक कोशिश उनकी हुई नाकाम देखो...

 

इस शहर का तो दस्तुर बिल्कुल सिधा है
मुंह मे छुरी और बगल मे राम देखो...

 

आसमां तुमने हवाई जहाज तो बहुत देखे
अब तुम्हे छुते इन्सानो के दाम देखो...

 

देखो , आखिर "अच्छे दिन" आ ही गये
'साहब' हमारे फरमा रहे आराम देखो...

 

दिनभर सुरज ने निभाई दुश्मनी फिर
हम मुफलिसों से दोस्ती निभाती शाम देखो..

 

वजह सिर्फ किसी एक की करतूत थी
शहर हो गया अपनेआप बदनाम देखो...

 

मौकाएदस्तुर,गुलाब,शिशा और दिल भी
कितने ही किये हमने एहतेमाम देखो...

 

लगता किसी दिवाने की लाश है ये
यें टुटां दिल और वो फुटां जाम देखो...

 

 

 

iiii***किशोर मुगल***iiii

 

 

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