tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh









मैने ये हसीन वहम पालकर रखा है

 

अपने दिल में तूने मुझको सम्भाल कर रखा है,
मैने ये हसीन वहम पाल कर रखा है l



वो यक़ीनन एक दिन आयेगा मेरी तलाश में,
यही कहके मैने मौत को भी टालकर रखा है l



एक मैं हूं जिसे उसकी याद से फ़ुर्सत नहीं मिलती,
एक वो है जिसने भूल जाने का कमाल कर रखा है l



उसका नाम आते ही तू ऐसे खिल क्यूं उठता है,
मेरी सांसों ने मेरे लब से ये सवाल कर रखा है l



अब दिल ये बोलने लगा था कि बेवफा हो तुम,
फलसफ़ा, मैने सीने से दिल को निकालकर रखा है l



ये तो हर रोज तोड़ देती हैं ख्वाहिशों के आशियाने,
तेरी यादों ने मेरा जीना मुहाल कर रखा है l



आज मैं भी देखूंगा ऐ "सागर" तेरे ज़र्फ को,
आज तूफां में मैने कश्ती को डालकर रखा है ll

 

 

Er Anand Sagar Pandey

 

 

HTML Comment Box is loading comments...