tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh









बिहारी मेरा घर भी ब्रज बना दोगे तो क्या होगा

 

 

बिहारी मेरा घर भी ब्रज बना दोगे तो क्या होगा
मुझे चरणों की छाया मे बिठा लोगे तो क्या होगा

 

तुम्ही ने व्रन्दावन मे कभी दावानल बुझाई थी
मेरी भी आग इस दिल की बुझा दोगे तो क्या होगा
बिहारी मेरा घरभी ब्रज बना दोगे तो क्या होगा

 

तेरे मिलने को मैं मोहन मैं सारा दिन तरसती हूं
पता खुद अपने घर का तुम बता दोगे तो क्या होगा
बिहारी मेरा घर भी ब्रज बना दोगे तो क्या होगा

 

मेरे गोपाल गिरधारी मेरे गोपाल बनवारी
मुझे भी अपनी सखियों मे मिला लोगे तो क्या होगा
बिहारी मेरा घर भी ब्रज बना दोगे तो क्या होगा

 

 

रूपा शर्मा 

 

HTML Comment Box is loading comments...