tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh









मोहब्बत ना थी तो रास्ता प्यार का बताया क्यों !

 

 

मोहब्बत ना थी तो रास्ता प्यार का बताया क्यों !
मुझको हसींन ख्वाब देखना तुमने सिखाया क्यों

 

हर दम याद करती तुझे. तुझसे ही फरियाद करू
अपनी बातों से अरमाँ इस दिल का जगाया क्यों

 

बचा नहीं होंसला तुम्हें पा कर फिर खोने का
चले ही जाना था तो इस दिल में घर बनाया क्यों

 

अपनी हर मुलाकात की खुशबू अब भी ताज़ा है !
नशेमन प्यार का तुमने इस क़दर महकाया क्यों

 

खुद ही रूठे हो मुझसे खुद ही मान भी जाते तुम
यूँ रूठ कर जाना था अगर तो मुझे मनाया क्यों

 

आँखों की ज़ुबां से कभी इज़हार किया था तुमने
ये मोहब्बत का सबक तुमने मुझे पढाया क्यों

 

जिंदगी मे आ ना सके तुम जब थी ज़रूरत मुझे
कब्र मैं है आज “ताज” फूल भी भिजवाया क्यों

 

 

Ganga Shyam Jadoun

 

 

HTML Comment Box is loading comments...