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Administrator Dr. Srimati Tara Singh









शाम मुझसे नजर मिलाए तो

 

 

शाम मुझसे नजर मिलाए तो।
रात ख्वाबों को फिर सजाए तो॥

 

काँटे हँस -हँस के चुन लूंगी मैं,
मुझे मिलें गुलों के साए तो।

 

ग़ैरों पर उठती उंगलियों से कहो,
उन्हें दरपन कोई दिखाए तो।

 

खुद -ब -खुद देवता हो जाएगा,
पहले दिल में कोई समाए तो।

 

मैंने दुनिया को खूब परखा है,
मुझे भी दुनिया आजमाए तो।

 

 

डाँ शोभा श्रीवास्तव

 

 

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