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Administrator Dr. Srimati Tara Singh









तू मेरे साथ जी लेगा ये तेरी बद्गुमानी है

 

 

"बहुत पिछड़ा हुआ हूं मैं मेरी दुनिया पुरानी है,
तू मेरे साथ जी लेगा ये तेरी बद्गुमानी है l



कि मेरे गांव में धरती को छूते हैं सभी छप्पर,
तेरे शहरों की हर पक्की इमारत आसमानी है l



तेरी दुनिया हक़ीक़त से भी आंखें फेर लेती है,
मेरी दुनिया में अब भी हूर, परियों की कहानी है l



तेरा शहर सेहरा हो चुका है नफ़रतों की आग में,
मेरी आंखों में मगर चाहत का पानी है l



तुम्हारे शहर में बोते हैं सारे नागफ़नियां अब मगर
मेरे गांव के हर घर में अभी भी रातरानी है l



उतारो मत मेरे अन्दर कोई कश्ती सुनो सागर,
मेरी मौजें हैं पागल सी,मेरी मौजें उफ़ानी हैं ll"



 

 

Er Anand Sagar Pandey

 

 

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