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केतना हमके सतइबू हमार सजनी!

 

 

केतना हमके सतइबू हमार सजनी!
कहवाँ हमसे लुकइबू हमार सजनी!!

 

जउन मन भावै ऊ कहि डारा बतिया,
नाहीं पछितइबू तू सारी-सारी रतिया,
चला जाबै हम होत भिनसार सजनी!
केतना हमका सतइबू हमार सजनी!!

 

कइकै बहाना तू बचि नाहीं पइबू,
पीछा नाहीं छोड़ब हम केतनौ छोड़इबू,
ताना मारौ चाहे हमका हजार सजनी!
केतना हमका सतइबू हमार सजनी!!

 

ग़ाफ़िल चलि जाई त फेरि नाहीं आई,
मानी नाहीं फिर ऊ कउनौ मनाई,
चाहे छूटि जाय पूरा घर-बार सजनी!
केतना हमका सतइबू हमार सजनी!!

 

 

Chandra Bhushan Mishra Ghafil

 

 

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