tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh


www.swargvibha.in






 

 

डॉ०भावना कुँअर
हाइकु

 


1
तितली–दल
खोल डाले किसने
रंगों के नल।
2
चम्पा–चमेली
बतियाती रात में
दोनों सहेली।
3
डर से काँपे
जंगल की आग में
शावक घिरा ।
4
बैठी चाँदनी
हाथ पे हाथ धरे
कुछ न करे।
5
घाटियाँ बोलीं–
वादियों में किसने
मिसरी घोली?
6
भीगी थी घास
रोई ज्यों चुपके से
कल की रात।
7
बनाए कैसे
हवाओं पे बसेरा
नन्हीं चिड़िया ।
8
पेटू चिड़िया
कुतर के ले गई
नन्हीं कलियाँ।
9
सफेद मोती
नाजुक लताओं पे
कौन पिरोती?
10
खूब नहाई
उतर के नदी में
नन्हीं किरण।
11
चम्पा–चमेली
बाँटने को खुशबू
फिरें अकेली।
12
जिद पे अड़ी
अलसाई चाँदनी
छत पे चढ़ी।
13
नन्हीं बुंदियाँ
ठुमुककर आतीं
नाच दिखातीं।
14
चिड़िया –टोली
बैठ मुँडेर पर
बेबाक बोली।
15
धूल उड़ाते
घर लौटते ढोर
साज बजाते।
16
चिड़िया रानी
पसीने से नहाए
पंख सुखाए।
17
गेहूँ की बाली
होकर मदहोश
बजाए ताली।
18
फूल –गगरी
टूटकर बिखरी
गन्ध छितरी।
19
चबा ही डाली
बेदर्द चिड़िया ने
तितली प्यारी।
20
दहकी जब
पलाश की अँगीठी
डरा अँधेरा।

 

 

HTML Comment Box is loading comments...