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वो अंजान सी मोहब्बत

 

 

हा हुआ था मुझे तुम से इश्क
ना जाने क्यू , किस तरह , मै यू एक अजनबी से व्रोन्ग नम्बर पर , करता रहा , पूरे चार साल बाते ,
कभी हुआ भी नही , के तू है mp, के किसी शहर मै ,
मै यहा राजस्थान के एक शहर मै ,
तेरी एक आवाज़ के सिवा था ही नही मेरे पास कुछ भी ,
बस ओर एक तेरा नाम
पूरा दिन चला जाता था, मगर कहा हो पाती थी बाते पुरी तेरी ,
कुछ भी काम करती तो , call, करके हर , बार बताती , वो तेरा रुठ जाना , पड़कर शायरी मेरी , फिर उठा फोन खुद ही सौरी कहना ,
होने जा रहे है अब पूरे दो साल , पर तेरे call, के इंतज़ार मै नही बदले वो no. मेने , शायद तूने ही बदल दिया है no. अपना , वो no. तो पूरे एक साल रहा था बंद , अब ना जाने किस को दे दिया है , कंपनी ने वो तेरा no. कल भी लगाया था, पर अब वहा से तेरी वो आवाज़ नही सुनाई पड़ती
काश तू पड़ ले लफ़्ज ,
के रो पडे अगर तू
हा मै अब भी वही खडा हू
जहा से तूने रास्ता बदला था

 



अजनबी राजा(राजेश मिडल )

 

 

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