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कहानी नानी की

 

 

शशांक मिश्र भारती
नानी! ओ नानी!! सुनाओ न कहानी बहुत दिनों से कह रही हो कि कल सुनाऊंगी। मिलन की जिद के आगे आखिर नानी हार गयी और तैयार हो गयी।
एक नई कहानी सुनाने के लिये। तो बेटी सुनो! कहानी प्रारम्भ करते हुए नानी ने कहा. बेटी हिमालय पर्वत के संबंध में तो सुना होगा. हां किताब पढ़ा था कि वह अपने देश के उत्तर में स्थित हैं। मिलन ने नानी के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा।
आज जहां पर हिमालय पर्वत है वहां आज से लगभग पैंतीस करोड़ वर्ष पहले टेथिस सागर था। जो दो महाद्वीपो गांेडवाना और अंगारालैण्ड को अलग करता था।
आस्ट्रेलिया प्रायद्वीपीय भारत दक्षिणी अमेरिका और अंटार्कटिका मिलकर गांेडवाना लैण्ड और उत्तरी अमेरिका अफ्रीका एवं एशिया मिलकर अंगारालैण्ड। उत्तरी भूखण्ड तथा गोंडवाना लैण्ड दक्षिणी भूखण्ड था। दोनों का संयुक्त नाम प्रसिद्ध भूगर्भवेत्ता वेगनर ने पेन्जिया रखा था।

पृथ्वी की आन्तरिक हलचलों के फलस्वरुप धरातल की चट्टानों पर खिंचाव तथा दबाव बढ़ता गया। जिससे भूतल पर संनति और ऊंची अपनति का क्रम बन गया। सागर तलों में संपीडन होने से चट्टाने मुड़कर ऊपर उठने लगीं। ऐसा लगातार होने से करोडंो वर्षो में हिमालय की इतनी ऊंची.ऊंची चोटियों का निर्माण संभव हो सका ।इसकी सबसे ऊंची चोटी कौन सी है मिलन ने बीच में ही बोलते हुए कहा।

. बेटी हिमालय की सबसे ऊंची चोटी गौरीषंकर है जो संसार में सबसे ऊंची है तथा इसकी ऊंचाई 8848 मीटर है। नेपाल और तिब्बत में इसे सागर माथा के नाम से पुकारा जाता है साथ ही अधिकांष संसार इसे माउण्ट एवरेस्ट के नाम से जानता है।सबसे अधिक ऊंची चोटियां स्थित होने के कारण हिमालय को पर्वतों का राजा भी कहा जाता हैं। नानी ने बताया।
और क्या विशेषताएं हैं हिमालय की मिलन ने पूछा
हिमालय हमारे देश के उप्रर में स्थित रहकर सदियों से एक प्रहरी का काम कर रहा है।हमारे देश की सदानीरा नदियां गंगा यमुना और ब्रफ्पुत्र इसी से निकली हैं।
रात बहुत हो चुकी है अब सो जाओ कहानी समाप्त करते हुए नानी ने कहा ।

 

 

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