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लहू की एक बूंद सी एक प्यास है जिंदगी
आदमी की भूख सी एक आग है ज़िंदगी
तरसते हैं लोग मरने के लिए, जीने का नाम है जिं़दगी।
अंधकार के बाद उजाला है ज़िंदगी
पीना पड़ेगा ज़हर का एक प्याला है जिं़दगी
जीते हैं लोग इस तरह भी कि, अकेली शाम है ज़िंदगी।
मेहनत कर के, संघर्ष है ज़िंदगी
खुश रह के, खुशी और हर्ष है ज़िंदगी
छोड़ जा यादें अपनी कि, मरने के बाद भी है जिं़दगी।
आंखें खुली सी, प्रकाश है ज़िंदगी
अंधे भी जीते हैं कि, विश्वास है ज़िंदगी
लहू की एक बूंद सी एक प्यास है जिं़दगी
आदमी की भूख सी एक आग है ज़िंदगी।

 

 

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