tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh


www.swargvibha.in






अर्धांगिनी

 

 

औरत जो पत्नी होने पर अर्धांगिनी भी कहलाए
सेवा करते-करते पति की ख़ुद को भूली जाए
घर की गाड़ी खीचन वास्ते ख़ुद का योग कराए
साँझ ढले घर आते ही कामों में लग जाए
पापा को तंग न करना बच्चों से कहती जाए
पति की थकान की ख़ातिर ख़ुद का आराम बिसराए
कमी ज़रा सी होने पर भी पति की घुरकियां खाए
पर सीने पर पत्थर रखकर सब सहती ही जाए
झूठी हँसी हँसकर अपना दर्द छुपाए
कैसी विडंबना है क्या औरत होने की सजा वो पाए
त्याग के अपना पूरा जीवन ख़ाली हाथ रह जाए

 

 

(इरम कमाल)

 

 

HTML Comment Box is loading comments...