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बिन बादल बरसात क्या होगी

 

 

बिन बादल बरसात क्या होगी
आज चाँदनी रात क्या होगी


इस दुनिया में सबसे अलग हूँ
मेरी कहीं पे जात क्या होगी


बहारों ने गुलशन को मिटाया
इस से बढ़ कर बात क्या होगी


मैं भी रुसवा वो भी रुसवा
वो मेरे अब साथ क्या होगी


तू मेरी बन जाए दुल्हन
पूरी मेरी आस क्या होगी


यारों ने सर कलम किया है
ऐसी और बिसात क्या होगी


दिल तोड़ा जब बच्चे का भी
तेरी यहाँ औकात क्या होगी


वफ़ा के बदले जफ़ा मिली है
प्यार में ऐसी मात क्या होगी


झूम उठा हूँ देख के बोतल
अब साकी से बात क्या होगी

 

 

 

मानव मेहता (मन)

 

 

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