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छोरा इब तो ब्याह करवा ले

 

 

छोरा इब तो ब्याह करवा ले,
कहन्दी बुआ,माँ अर दादी,
एक ईमरती क चक्कर मैं,
घणी जलेबी ठुकरा दी।

 

ना अफीम,ना भुर्खी खांदा,
ना पींदा सिगरट,सुल्फा,दारु,
मैं तो हो ऱ्या सूँ,
तेरी फोटू देखण का आदी,
एक ईमरती क चक्कर मैं,
घणी जलेबी ठुकरा दी।

 

आसमान मैं पाँख फैला कै,
घणा उड़ लिया आज़ाद पंछी,
मन्ने गुलाम बणाले अपना,
ना चाहिए मन्नै आज़ादी,
एक ईमरती क चक्कर मैं,
घणी जलेबी ठुकरा दी।

 

तु खागड़ नै झोटा कह देगी तो,
तो मैं भी झोटा कह दयुन्गा,
वो ही बात मानूंगा,
जो बात तन्ने समझादी,
एक ईमरती क चक्कर मैं,
घणी जलेबी ठुकरा दी।

 

तेरी नज़रा तै मारे सै,
तू गंदरफ के गोले,
तन्ने देख के ही मेरा दिल धड्क्या,
यो दिल पहलां होंदा था फौलादी।
एक ईमरती क चक्कर मैं,
घणी जलेबी ठुकरा दी।

 

तेरे बारे मैं सोच-सोच कै,
पढाई का भट्ठा बिठा दिया,
सुण तेरे ते प्यार करूँ सूँ,
या करदी मनै मुनादी।
एक ईमरती क चक्कर मैं,
घणी जलेबी ठुकरा दी।

 

दिनेश जांगड़ा

 

 

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