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एक बन्दर

 

 

एक बन्दर
नाच रहा है
एक पंजे से
जुड़कर/
पंजा नाच
रहा है
एक छाती
के ऊपर/
छाती के नीचे
एक औरत का
दिल है/
औरत नाच
रही है
सिक्कोँ के ऊपर/
सिक्का
नाच रहा है,
और
सबको नचा
रहा है/
बाबूजी!
मैँ
मदारिन हूँ/
ये अद्भुद खेल है॥

 


--
manees pandey

 

 

 

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