tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh


www.swargvibha.in






काला बादल

 

 

मेरी अरमानों की
आसमान में
छा गया है
काला बादल.....
मेरे सूरज को
छिपा दिया है,
बरस जाओ तुम
मेरे तप्त उर के
झरोके से ......
मेरे दिल की
अग्नि बुझ जाएं ।

’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’’

डा० टी० पी० शाजू

 

 

HTML Comment Box is loading comments...