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किस्मत

 

 

कहते है लोग अपनी किस्मत मानव स्वयं लिखता है
ये सच है अगर तो,
अपनी किस्मत में दर्द कौन लिखता है !!
कहते है लोग अपनी मंजिल मानव स्वयं ढूंढता है,
ये सच है अगर तो,
अपनी मंजिल में सन्नाटे कौन देखता है !!
कहते है लोग अपनी राहे मानव स्वयं बनता है,
ये सच है अगर तो
अपनी राहों में कांटे कौन बिछाता है,
कहते है लोग अपना गुलशन मानव स्वयं बनाता है,
ये सच है अगर तो,
अपने ही गुलशन को पतझड़ कौन बनाता है !!
कहते है लोग अपना आशियाना मानव स्वयं सजाता है,
ये सच है अगर तो ,
अपने ही आशियाने को कौन उजाड़ता है !!
कहते है लोग अपने जीवन में खुशिया मानव स्वयं लाता है,
ये सच है अगर तो ,
अपने ही खुशियों के बीच गम कौन लाता है !!
कहते है लोग अपने घरौंदे को मानव स्वयं सुगंधों से महकाता है ,
यह सच है अगर तो,
उन सुगंधों के बीच दुर्गंधो की महक कौन लाता है !!
कहते है लोग अपने मन में मानव स्वयं आशाओ जगाता है,
ये सच है अगर तो ,
अपने मन में निराशाओ के बीज कौन बोता है !!
कहते है लोग मानव अपने जीवन में रिश्ते स्वयं बनता है,
ये सच है अगर तो,
उन रिश्तो के बीच जुदाई कौन लाता है !!
कहते है लोग जीवन में मानव स्वयं ही सब करता है,
ये सच है अगर तो,
कठपुतली की तरह हम नाचते है और हमें नचाता कौन है !!
सच तो बस इतना सा है,
यह जीवन एक पतंग है,
और इसकी डोर किसी और हाथो में !!

 

 

 

meri ye kavita mere swargiya pitaji ki yaad gari me

 

Rohini Tiwari

 

 

 

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