tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh


www.swargvibha.in






माँ और ईश्वर

 

माना इस संसार ने
उसने जन्म दिया है,
पर क्या उसने अपने
कोक में हमें जगह दिया है..?

 

किसी में जान भरना
जितना महत्वपूर्ण मानते है,
तो इसे क्यों नहीं मानते
उसे पाल-पोसना क्यों भूलते हैं..?

 

सृष्टि किया है उसने
ऋतुओं को एक-अनेक,
क्यों सबको संदेह नहीं होता
सोचो क्या उसके रास्ते हैं नेक..?

 

माँ पिलाती है हमे
धूप में ठंडा पानी
सर्दी में देती गरमा-गरम पानी
क्या है उसकी ऐसी कहानी..?

 

भूखे को रोटी खिलाती
लंगडे को सहारा बनती है
ऐसी कौनसी बात है उसमें
जो दिन रात पूजा घर सजती है...?

 

माँ को सभी ने देखा है
बहुत करीब से जाना है
उसने कभी किसी को दर्शाया है
ऐसी कौनसी बात उसमे पाया है..?

 

यह तो माना है सबने
माँ सिर्फ माँ नहीं है
परम माता-पिता अपनाया है
अब कौन श्रेष्ठ माना माँ और ईश्वर..?

 


- श्री सुनील कुमार परीट

 

 

HTML Comment Box is loading comments...