www.swargvibha.in






 

मैं खुश हु

जिन्दगी है छोटी,

मगर हर पल में खुश हूँ,

स्कूल में खुश हु ,घर में खुश हूँ,

आज पनीर नही है, दाल में ही खुश हूँ

आज कार नही है, तो दो कदम चल के ही खुश हूँ

आज दोस्तों का साथ नही ,किताब पङके ही खुश हूँ

आज कोई नाराज है उसके इस अंदाज़ में भी खुश हूँ

जिसे देख नही सकती उसकी आवाज़ सुनकर ही खुश हूँ

जिसे पा नही सकती उसकी याद में ही खुश हूँ

बीता हुआ कल जा चूका है,

उस कल की मीठी याद में खुश हूँ

आने वाले पल का पता नही, सपनो में ही खुश हूँ

मैं हर हाल में खुश हूँ

 

HTML Comment Box is loading comments...