tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh


www.swargvibha.in






मै मानव हूँ

 

मै मानव हूँ,
यह कौन कहे.
जिन्दा हूँ या मुर्दा,
यह कौन कहे .
तुम ही कहो जो कहना है ,
तुम ही कहो क्या मैं जिन्दा हूँ .
जिन्दा हूँ ,
तो बोध कराओ .
धृत पूरित मन को उत्कर्ष,
का पथ दिखलाओ .
अनर्थक इस जीवन को
सार्थक बनाओ .
मैं मानव हूँ मानव होने का
अभिज्ञान कराओ .
तुम भी तो मानव हो ,
मानव होने का फर्ज निभाओ.
गरीब-कुचला सब में बहता
रक्त एक समान
सब से समता का संवाद करो .
सब मानव एक समान
सबका सम सम्मान करो .
जाती -धर्म ऊंच नीच का
नहीं भेद-व्यवधान करो .
नर पसु -पछी सब में जीवन
सबका का कल्याण करो.

 

 

Dharmendra Mishra

 

 

HTML Comment Box is loading comments...