tarasingh
Administrator Dr. Srimati Tara Singh


www.swargvibha.in






मोहब्बत

 

 

 

यूँ मत जोड़ मुझसे तू
अपनी रुह का
कतरा कतरा
मुझसे भूल हो जाएगी पगली,
घुल जाऊँगा मैं तेरे
शबनमी होंठों की नुमाइश में

 

 

तुम्हारे साथ चला तो लूँगा/
पर कदम रूक जाएंगे
तुम्हारे जिस्म की सरजमीं पर

 

 

मोहब्बत की हर हद पार कर जाऊँगा
पर मुझे डर लगता है
मुझसे खफा मत हो जाना
हम मोहब्बत को दो बार नहीं करेंगे

 

 

 


बृजमोहन स्वामी

 

 

 

HTML Comment Box is loading comments...