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लोग अपने पन को खोते है

 

लोग अपने पन को खोते है

उदासी मे अकेले पडकर रोते है

कुछ पाया नही बहुत खोते है

आँखो के जारिये दिल से बहुत रोते है

साथी ढूढते है उमर भर
वो फिर नही मिलते जिसे वो खोते है

आदमी बहुत रोते है

 

 

हिन्दुस्तानी हिन्दु

 

 

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