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वाहवाही लूटना गीतों का मकसद नही

 

वाहवाही लूटना गीतों का मकसद नही,
देश दुनिया को बदले तो है गीतों की सफलता।

 

सम्मान,पदक तारीफ़ मिले या ना मिले,
माँ सरस्वती का आशीष मिले तो है गीतों की सफलता।

 

इश्क में पड़कर तो हर कोई शायर बना,
मजदुर -किसान का दर्द बताये तो है गीतों की सफलता।

 

तारीफ़ तो झूठी भी कर देते है लोग तो ,
शब्द दिल को छू जाए तो है गीतों की सफलता।

 

तस्स्दुद को ख़तम करके,छा जाए चैन ओ अमन,
मजहब दिलों को जोड़े तो है गीतों की सफलता।

 

 

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