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मकान

 

 

बाबूजी संतुष्ट थे कि उनके बाद भी बेटे बहू उनके बनाए गांव के मकान के बहाने सब रिश्तेदारों, समाज से जुड़े रहेंगे पर बहू तो प्रतीक्षा कर रही थी कि बाबूजी की मुक्ति के पश्चात गांव का मकान बेचकर शहर में फ्लेट बुक करवा लेंगे, कौन गांव में घुटन में रहेगा?

 

 

 

DILEEP BHATIA

 

 

 

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