ONLINE HINDI MAGAZINE
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       Swargvibha

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जुलाई —-2013

 वर्ष---1 , अंक-- 2

             

             स्वर्गविभा
(www.swargvibha.in)
,नये-पुराने साहित्यकारों का वह मिलनमंच है ,जहाँ विश्व के कवियों ,लेखकों, गज़लकारों तथा उपन्यासकारों को ससम्मान एक मंच पर नि:शुल्क लाकर खड़ा करती है । केवल आदान मात्र मनुष्य को पूर्ण संतोष नहीं देता, उसे प्रदान का भी अधिकार चाहिये ,और इसी अधिकार का विकसित मंच है स्वर्ग विभा ।
SAMACHAR

डा.नन्दलाल भारती को हिन्दी भाषा भूषण सम्मान
डा० श्रीमती तारा सिंह को ’डाक्टर आफ़ ओरियेन्टल लर्निंग’ ( पी-एच० डी० ) से नवाज़ा गया
Ambika Prasad Divya Awards Of National repute are announced today

डॉ रमेश नीलकमल का यूँ चले जाना --- 25 मई 2013 को जमालपुर में निधन

‘जन गण मन’ के रचियता रवीन्द्रनाथ टैगोर के जन्मदिवस 7 मई पर विशेष

AALEKH

संत कबीर ....डा० श्रीमती तारा सिंह
चुनौतियाँ और संभावनाएँ ....संजीव ‘सलिल’  
निराशा –हताश मन की व्यथा ......भारती दास
कुछ कही, कुछ अनकही मन की पीर ....दीपक शर्मा

GAZAL

जो तुम हसरते - दीदार1 का इजहार न करती ....डा० श्रीमती तारा सिंह
आलमे इश्क ने हर रंग दिखलाया .....Vipul Tripathi
घर से निकलो तो ज़माने से छुपा कर निकलो .....दीपक शर्मा
कुछ नये सवाल कर दिए ....सुधीर कुमार ‘प्रोग्रामर’

KAVITA

मानव ! तुम केवल पीड़ा के अधिकारी- ....डा० श्रीमती तारा सिंह

मृग मरीचिका सा यह जीवन .....आर० सी० शर्मा “आरसी”
धमाचौकडी .....बीनू भटनागर
जीवन संग्राम ... भारती दास
कलम के सिपाही ....डॉ नन्द लाल भारती   

KAHANI

मुझे दुआ चाहिये ...डा० श्रीमती तारा सिंह
जाति न पूछो प्रेम की... ...कामिनी कामायनी
सुबह की कालिमा ...सुधीर मौर्या "सुधीर'
छवि : मेरा प्रतिरूप ....संजना अभिषेक तिवारी

GEET

अब हम तुझसे . ....कामिनी कामायनी
"हे! परम अज्ञात,यदि तू है तो.. ....संजय कुमार शर्मा
रूप अपना ....संजीव ‘सलिल’


 

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