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प्रेस-विज्ञप्ति----लोकेश मालती प्रकाश



शिक्षा अधिकार मंच, भोपाल की पहल पर युवाओं, बुद्धिजीवियों व कार्यकर्ताओं का एक दल चेन्नई मे 30 जून-1 जुलाई 2012 को ‘शिक्षा का बाज़ारीकरण खत्म करने और समान स्कूल व्यवस्था का निर्माण करने के लिये अखिल भारत सम्मेलन’ में भागीदारी करने जा रहा है। इस सम्मेलन के बारे में चर्चा और इसके संदर्भ मे यहां की गई तैयारियों की प्रस्तुति के लिये संवाद का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम का ब्यौरा

 

1. परिचर्चा व संबोधन – प्रेस-वार्ता को संबोधित करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थें - डा. आनंद तेलतुंबडे, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, आइ.आइ.टी., खड्गपुर, पश्चिम बंगाल; सुश्री ज्योत्सना मिलन, वरिष्ठ साहित्यकार व अध्यक्ष, शिक्षा अधिकार मंच, भोपाल और डा. अनिल सद्गोपाल, वरिष्ठ शिक्षाविद। वक्ताओं ने बताया कि चेन्नई मे होने वाले इस अखिल भारत सम्मेलन का ऐतिहासिक महत्व है। इस सम्मेलन मे जिन मुद्दों पर प्रमुखता से विचार किया जाएगा वे हैं –

 

- पूरी तरह मुफ्त और सार्वजनिक वित्त-पोषित समान स्कूल व्यवस्था के निर्माण के लिये जरूरी संवैधानिक व कानूनी बदलावों की संभावना पर विमर्श। खासतौर पर संविधान के 86वें संशोधन से लाए गए अनुच्छेद 21 A और जन-विरोधी शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 नकारात्मक प्रभाव को खत्म कर 18 साल तक के सभी बच्चों को पूरी तरह मुफ्त शिक्षा देने के लिये जरूरी संविधान संशोधन की मांग को सामने रखना।

 

- स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण जरूरतों को संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (g) के प्रावधान से मुक्त कर राज्य की जिम्मेदारी बनाना। ध्यान रहे कि अनुच्छेद 19 (1) (g) की मनमानी व्याख्या करके शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य ऐसी आम जरूरतों मे बाजारीकरण का रास्ता खोल कर आम जनता को उसके अधिकारों से वंचित कर दिया गया है।

 

- ‘के.जी. से पी.जी. तक’ पूरी तरह मुफ्त और सार्वजनिक वित्त-पोषित समान स्कूल व्यवस्था के निर्माण की मांग को देश मे जल-जंगल-जमीन के बुनियादी हकों के ऊपर हो रहे नव-उदारवादी हमलों के खिलाफ चल रहे जनांदोलनों के जरूरी मुद्दे के तौर पर भी स्थापित किया जाएगा और साथ ही इसके लिये व्यापक जन-संघर्ष की शुरुआत की जाएगी।

 

2. पोस्टर प्रदर्शनी व जनगीत– शिक्षा अधिकार मंच, भोपाल द्वारा 11 से 15 जून तक आयोजित की गई पोस्टर-जनगीत-नाटक कार्यशाला के दौरान समान स्कूल व्यवस्था की लड़ाई से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर तैयार किये गए पोस्टरों व जनगीत की प्रस्तुति की गई। इस कार्यशाला में लोक शिक्षक मंच, दिल्ली और बस्ती झन समूह, भोपाल के साथी शामिल थें। यह प्रस्तुति चेन्नई सम्मेलन में भी की जाएगी।

 

3. जन-पक्षधर एवं समान शिक्षा के लिये संघर्ष करने वाले प्रतीकों की स्मृति मे मशालों का प्रज्ज्वलन – बाबासाहेब डा. अंबेडकर, भोपाल की चार बेगमों और होशंगाबाद विज्ञान शिक्षण कार्यक्रम (1972-2002) की लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष, समतामूलक व वैज्ञानिक शिक्षा के संघर्ष में भूमिका को याद करते हुए मशालें जलाई गईं। चेन्नई सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में इन मशालों का स्वागत किया जाएगा।

 




भवदीय, 27 जून, 2012

शाहिद-उल-हुसैनी

 

 

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