www.swargvibha.in






 

 

हिंदी साहित्य की त्रैमासिक ई-पत्रिका 'अनहद कृति'

 

anhadkriti

 

अंबाला (हरियाणा) से प्रकाशित की जाने वाली हिंदी साहित्य की त्रैमासिक ई-पत्रिका 'अनहद कृति' (www.anhadkriti.com), जो कि पिछले एक वर्ष से हिंदी साहित्य के संवर्धन में महत्वपूर्ण काम कर रही है, तथा जिसकी पहुँच विश्वभर के २७ देशों के ५७०० से भी अधिक मनीषी साहित्यकारों एवं सुधिपाठकों तक हो चुकी है, उसके प्रथम वार्षिकोत्सव समारोह का हाल ही में आयोजन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें दूर-दराज़ से आये मनीषी साहित्यकारों एवं हिंदी प्रेमियों ने बड़े उत्साह व संजीदगी के साथ सहभागिता की।

 

इस समारोह की स्मरणीय साहित्यक गतिविधियों का संस्मरण के रूप में सरस शब्दांकन हमारी कार्यकारिणी के सदस्य राजेश मुरली ने किया है, यदि आप इस प्रस्तुति को अपनी लोकप्रिय पत्रिका में प्रकाशित करें तो हमें प्रसन्नता होगी, साथ ही यह आपकी राष्ट्रभाषा हिंदी के प्रति महत्वपूर्ण उदार सेवा होगी के आपसे जुड़े असंख्य सुधि-पाठक व लेखक 'अनहद कृति' द्वारा वैश्विक स्तर पर हिंदी की प्रतिष्ठा में किये जा रहे प्रयासों से अवगत हो सकें और 'अनहद कृति' त्रैमासिक ई-पत्रिका के आधुनिक माध्यम द्वारा ज़ोर शोर से इस वैश्विक शब्द-यज्ञ में अपनी अमूल्य सहभागिता अंकित कर सकें।

 

हमें पूरी आशा है कि आप इस महत्वपूर्ण साहित्यिक संस्मरण को हिंदी-सेवा में संलग्न अपनी पत्रिका में यथोचित स्थान दे कर हिंदी साहित्य सेवा में अव्यवसायिक रूप से समर्पित 'अनहद कृति - साहित्य, कला एवं सामजिक सरोकारों की त्रैमासिक ई-पत्रिका' के सम्पादकों एवं कार्यकारी सदस्यों का उत्साह बढ़ाएंगे। इस विषय में साथ ही इस समारोह का एक सामूहिक चित्र भी संलग्न है।

 


पुष्पराज चसवाल एवं डॉ प्रेमलता चसवाल "प्रेमपुष्प"
(सम्पादक द्वय : अनहद कृति ई-पत्रिका)

 

 

 

HTML Comment Box is loading comments...