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बाल दिवस 14. नवम्बर 2014 --संभागीय बाल भवन, जबलपुर

 

 

बाल दिवस 14. नवम्बर 2014 पर विविध रंगों से परिपूर्ण कार्यक्रम किलकारी का आयोजन
आयोजक : संभागीय बाल भवन, जबलपुर
स्थान: शहीद स्मारक आडिटोरियम, जबलपुर,
प्रतिवेदन भाग एक

baldiwas

 


दिनांक बाल दिवस 14. नवम्बर 2014 को जबलपुर के शहीद स्मारक भवन परिसर में “चित्रकला एवं कला प्रदर्शनी” का आयोजन मुख्य अतिथि श्री राजेन्द्र कामले की उपस्थिति में किया गया . जिसे में प्रशिक्षणरत बच्चों कु. लक्षिका शुक्ला कल्याणी नेमा एवं मास्टर स्वमेव सूर्यवंशी ने संचालित किया . प्रवेश द्वार पर ही बच्चों ने गुलदस्ता भैंट कर मुख्य अतिथि श्री कामले का स्वागत बाल मूर्तिकार श्गुभमराज़ अहिरवार ने किया गया .
मुख्यअतिथि श्री कामले ने स्वच्छतारत महात्मा गांधी जी के चित्र पर हस्ताक्षर करके "स्वच्छ भारत आंदोलन" के प्रति समर्थन व्यक्त किया.
अतिथि द्वारा बाल-भवन के प्रशिक्षणार्थी द्वारा भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व. जवाहरलाल नेहरू की मूर्ति को अनावृत किया. नेहरूजी की प्रतिमा में अचकन पर उकेरे लाल ग़ुलाब को अपलक देखते हुए अतिथि ने कहा कि -"वाह, ऐसा प्रयोग मुझे कभी देखने नही मिला अक्सर बस्ट में केवल आधार कलर का ही प्रयोग होता है. पर इस प्रतिमा में लगा ग़ुलाब अनूठा प्रयोग है. बच्चे ही किसी भी अनुप्रयोग को पूरी दृढ़ता से करने एवं उस पर ध्यान आकृष्ट कराने का सामर्थ्य रख सकते हैं "
प्रदर्शनी का अवलोकन पूरे धैर्य से करते हुए श्री राजेंद्र कामले ने प्रत्येक पेंटिग पर अपनी टिप्पणी दी. तथा बाल कलाकारों को शाबासी देते हुए अनुदेशिका श्रीमति रेणु पांडे की भूरि-भूरि प्रशंसा की. प्रदर्शनी में 2007 से 2014 तक बच्चों द्वारा बनाए परंपरागत, लोकभित्ति चित्रांकन, लोकेशन पेंटिंग, प्राकृतिक चित्रांकन को शामिल किया गया था .

टाक-शो
कार्यक्रम के नन्हें एंकर्स लक्षिका शुक्ला , और कल्याणी नेमा बेहद विनम्रता के साथ मुख्य-अतिथि श्री राजेंद्र कामले को मंच पर ले गए. तथा मंचासीन कर उन्हौने सवालों की झड़ी लगा दी . सवाल पेंटिंग के लिये रुझान, विषय-चुनना, और किन से प्रभावित हैं से शुरु करते हुए यह तक पूछा गया कि – “आप अधिक समय पेंटिंग को देते थे तो आपकी मम्मी डांटती थीं..”
न का उत्तर मिलते ही लक्षिका ने कहा- “तो मेरी मम्मी को भी समझाईये न प्लीज़ वो डांटे न..” इस बात को सुनकर पूरा हाल ठहाकों से गूंज उठा.
टाक-शो के लिये पर्याप्त वातावरण निर्मित होने पर उपस्थित बच्चों एवम अन्य अतिथियों, मीडिया, आकाशवाणी के प्रतिनिधि ने भी सवाल किये. 45 मिनट तक चले टाक-शो में बाल सुलभ सवाल के सटीक उत्तर श्री कामने ने दिये. बच्चों से फ़िर मिलने का वादा कर श्री कामले ने आडिटोरियम से प्रस्थान किया.
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गिरीश बिल्लोरे
शासकीय सेवक
बाल भवन जबलपुर

 

 

 

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