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पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी, शिलांग

 

ha shillong

 

"पूर्व के स्काटलैंड के रूप में प्रसिद्ध मेघालय की राजधानी शिलांग में भी हिन्दी का अच्छा खासा प्रभाव है. पहाड़ियों पर बसे इस खूबसूरत शहर में पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी,हिन्दी के विकास और विस्तार में लगी है. "
पूर्वोत्तर हिन्दी अकादमी की स्थापना 1990 में हुई थी. अकादमी वहाँ के अहिन्दी भाषी लोगो के मन में हिन्दी के प्रति लगाव की भावना जगा कर उन्हें हिन्दी से जोडने के लिए प्रयासरत है. ये संस्था पूर्वोत्तर की स्थानीय भाषाओं जैसे खासी,बोरो,असमी, मणिपुरी और बांग्ला के विकास और समन्वय के लिए भी काफी काम कर रही है.
भारतीयता के वृहद उद्देश्य से काम कर रही इस संस्था के उद्देश्यों में कला और संस्कृति का प्रचार भी शामिल है.अपने कार्यक्रमों के माध्यम से अकादमी उत्तर-पूर्व के राज्यों के साथ देश के अन्य राज्यों में सांस्कृतिक आदान-प्रदान के द्वारा राष्ट्रीय एकता को भी विकसित कर रही है.

 

 

प्रविष्टियाँ आमंत्रित
डॉ. महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान

 


कहानी लेखन महाविद्यालय एवं शुभ तारिका मासिक पत्रिका, अंबाला छावनी के संस्थापक डॉ. महाराज कृष्ण जैन की 12वीं पुण्य तिथि के अवसर पर पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी द्वारा आगामी 24 मई से 26 मई तक आयोजित राष्ट्रीय हिंदी विकास सम्मेलन एवं पर्यटन शिविर के अवसर पर डॉ. महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान (51), श्री केशरदेव गिनिया देवी बजाज स्मृति सम्मान (2), श्री जीवनराम मुंगी देवी गोयनका स्मृति सम्मान(2), श्री जे. एन. बावरी स्मृति सम्मान(2), श्री जमनाधर पार्वती देवी माटोलिया स्मृति सम्मान(2) और श्रीमती सरस्वती सिंह स्मृति सम्मान(2) हेतु लेखक-कवि तथा हिंदी के क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारी एवं अधिकारी, समाज सेवी, पर्यटन के इच्छुक नागरिकों से उनके योगदान का विवरण, पूरा पता एवं पंजीकरण शुल्क 100/- आगामी 31 मार्च 2013 तक सचिव, पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी, पो. रिन्जा, शिलांग 793006 के पते पर आमंत्रित है। मोबाइल- 9774286215, 9436117260, e-mail- hindiacademy1@gmail.com http://purvottarhindiacademy.blogspot.com

 

 

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